

PM Narendra Modi West Bengal Elections: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए भारतीय जनता पार्टी अपना पूरा जोर लगा रही है। बंगाल चुनाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लगातार बंगाल में चुनावी रैलियां करते हुए जनता को संबोधित कर रहे है। परगना के बाद आज हुगली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरिपाल में एक जनसभा को संबोधित किया और टीएमसी की सरकार के खात्मे का दावा कर दिया।
पीएम मोदी ने कहा, "कुछ समय पहले मैं सिंगूर आया था। उस समय मैंने निर्मम TMC सरकार के खिलाफ जनता का गुस्सा साफ-साफ देखा था। आज मैं उसे फिर से देख रहा हूं। वह गुस्सा अब अपने चरम पर पहुंच गया है, और इस गुस्से में पश्चिम बंगाल की बस एक ही पुकार है। बंगाल का बस एक ही संकल्प है। बंगाल ने अपना मन बना लिया है।"
अपने संबोधन में उन्होंने दूसरे चरण में रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग का दावा किया और कहा, "इस बार बंगाल वोटिंग के सारे रिकॉर्ड तोड़ देगा, और बंगाल के मेरे भाई-बहनों ने 23 अप्रैल को यह साबित भी कर दिया है। जो लोग जनता के मिजाज को भांप नहीं पाए, वे इतनी भारी संख्या में हुई वोटिंग के बारे में सुनकर बहुत हैरान हैं, और कुछ लोगों की तो इससे नींद ही उड़ गई है। यहां तक कि TMC के लोग भी खुद हैरान और परेशान हैं। उन्होंने तो कल्पना भी नहीं की थी कि इतनी बड़ी संख्या में लोग वोट डालने के लिए बाहर निकलेंगे।" पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, 15 सालों तक TMC ने बंगाल की जनता को डराया-धमकाया। लेकिन ये लोग एक बात भूल गए। जब अत्याचार अपनी सीमा पार कर जाता है, तो जनता मां दुर्गा का रूप धारण कर लेती है और अन्याय को विसर्जित कर देती है। आज बंगाल के हर बूथ पर उमड़ी भीड़ कह रही है, 'डर बाहर, विश्वास अंदर'।
TMC के कुकर्मों को उजागर करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, TMC सरकार ने अपने कुकर्मों के कारण बंगाल की जनता का भरोसा खो दिया है। इसीलिए उन्हें बार-बार अदालत का दरवाज़ा खटखटाना पड़ रहा है। मेरे पास इसके एक नहीं, बल्कि कई उदाहरण हैं। शिक्षक भर्ती घोटाले का मामला ही ले लीजिए। एक संवेदनशील सरकार ईमानदारी से जांच करती, लेकिन अदालत को जांच का आदेश देना पड़ा; इसका मतलब है कि TMC सरकार की विश्वसनीयता शून्य है।
एक और उदाहरण 2023 के पंचायत चुनाव हैं। हर राज्य में, राज्य सरकारें ही पंचायत चुनाव करवाती हैं। सुरक्षा की ज़िम्मेदारी भी उन्हीं की होती है, लेकिन अदालत को लगा कि TMC सरकार सुरक्षा मुहैया नहीं करा पाएगी, इसलिए उसने पंचायत चुनावों के लिए भी केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया। एक और उदाहरण संदेशखाली घटना की जांच है, जिसमें अदालत ने TMC सरकार पर सवाल भी उठाए। मैं आपके सामने ऐसे कई मामले पेश कर सकता हूं, जिनमें अदालत ने TMC सरकार की मंशा को बेनकाब किया है।
हुगली में पीएम नरेंद्र मोदी बोले, आपने यहां TMC सरकार पर बहुत भरोसा जताया था लेकिन देखते ही देखते, यह एक बेरहम सरकार में बदल गई। TMC की यह बेरहम सरकार नबन्ना सचिवालय से नहीं चलती। इस सरकार को या तो गुंडे चलाते हैं, या फिर यह केवल हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद ही कोई कार्रवाई करती है।
बंगाल को एक ऐसी सरकार की ज़रूरत है जो इसकी क्षमता के साथ न्याय कर सके, जो बंगाल के लोगों के सपनों को पूरा कर सके। केवल एक BJP सरकार ही ऐसा कर सकती है। RG कर अस्पताल में एक डॉक्टर के साथ बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। TMC सरकार की जांच पर किसी को भरोसा नहीं था। लोग अदालत गए, और अदालत ने CBI जांच का आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले को लेकर टीएमसी पर निशाना साधते हुए नरेंद्र मोदी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कोयला घोटाले को लेकर TMC को एक करारा झटका दिया है। आपने देखा कि TMC सरकार जांच में बाधा डाल रही थी। सबूतों को नष्ट करने की कोशिशें की गईं। सुप्रीम कोर्ट ने इसे एक बहुत ही गंभीर मामला बताया। कोर्ट ने तो ऐसे कृत्यों को लोकतंत्र के लिए खतरा तक मान लिया।
वे बोले कि इससे यह साबित होता है कि TMC ने हर किसी के साथ विश्वासघात किया है। मां, माटी और मानुष। इसीलिए TMC के नेता अब 'मां', 'माटी' और 'मानुष' शब्दों का ज़िक्र तक नहीं करते, क्योंकि उन्होंने 'मां' को रुलाया है, 'माटी' को घुसपैठियों और सिंडिकेट के हवाले कर दिया है, और 'मानुष' पर हिंसा, दमन और पलायन की तलवार लटक रही है।
बीजेपी की जीत का दावा करते हुए उन्होंने कह दिया कि आज बंगाल की महिलाओं ने यह तय कर लिया है कि उनका आशीर्वाद BJP के साथ है। बंगाल की हर बहन और बेटी अब इस निर्मम TMC सरकार के खिलाफ उठ खड़ी हुई है, और इसकी एक झलक हमने मतदान के पहले चरण में देखी।