मुंब्रा कलवा विधानसभा सीट: जितेन्द्र अव्हाण लगाएंगे जीत का चौका या फिर इस बार कोई और बनाएगा मौका?

विधानसभा सीटों के विश्लेषण की कड़ी में आज बारी है मुंब्रा कलवा विधानसभा सीट की। इस सीट का अतीत बहुत बड़ा नहीं है। क्योंकि यह सीट 2009 विधानसभा चुनाव से पहले हुए परिसीमन में अस्तित्व में आई थी।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव मुंब्रा-कलवा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का विवरण
मुंब्रा कलवा विधानसभा सीट (डिजाइन फोटो)
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ठाणे: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव का ऐलान होने वाला है। अटकलें हैं कि अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में चुनाव आयोग औपचारिक तौर पर चुनावों की घोषणा कर देगा। यही वजह है कि सियासी दल और सियासतदान जोर-शोर से तैयारियों में जुट गए हैं। महायुति और महाविकास अघाड़ी के बीच यहां चुनावी जंग देखने को मिलेगी। दोनों ही गठबंधन एक दूसरे को मात देने के लिए रणनीति तैयार करने में जुटे हुए हैं।

सियासी दलों और सियासतदानों की इन तैयारियों की बीच हम भी महाराष्ट्र में लोकतंत्र के इस महायज्ञ में अपने हिस्से की आहुति देने के लिए तैयार हैं। यही वजह है कि हम भी विधानसभा सीटों का भूत, वर्तमान और भविष्य खंगालने में लगे हैं। जिससे महाराष्ट्र की चुनावी जमीन पर सत्ता का ऊंट किस करवट बैठेगा इसका मोटा-मोटा अंदाजा लगाया जा सके, साथ ही आपको आपकी विधानसभा सीट की समूची जानकारी मिल सके।

मुंब्रा कलवा का इतिहास

विधानसभा सीटों के विश्लेषण की कड़ी में आज बारी है मुंब्रा कलवा विधानसभा सीट की। इस सीट का अतीत बहुत बड़ा नहीं है। क्योंकि यह सीट 2009 विधानसभा चुनाव से पहले हुए परिसीमन में अस्तित्व में आई थी। तबसे यहां हुए तीनों विधानसभा चुनाव (2009, 2014 और 2019) में एनसीपी (अब शरद पवार) से जितेन्द्र अव्हाण ही जीत दर्ज करते चले आ रहे हैं।

मुंब्रा कलवा में जीतेन्द्र ने जमाई हैट्रिक

वर्ष उम्मीदवार पार्टी वोट
2019 जितेन्द्र सतीश आव्हाड एनसीपी 109283
2014 जितेन्द्र सतीश आव्हाड एनसीपी 86533
2009 जितेन्द्र सतीश आव्हाड एनसीपी 61510

मुंब्रा-कलवा के जातीय समीकरण

महाराष्ट्र की इस सीट पर जाति नहीं बल्कि मुस्लिमों का दबदबा माना जाता है। साल 2019 के चुनावी आंकड़ों के मुताबिक यहां कुल 3 लाख 37 हजार वोटर्स में से 1 लाख 47 हजार से ज्यादा मुस्लिम मतदाता हैं। जो कि कुल वोट का करीब 44 फीसदी है। इसके अलावा यहां लगभग 15 हजार एससी और करीब साढ़े 7 हजार आदिवासी वोटर्स भी हैं। लेकिन असली दबदबा मुसलमानों का माना जाता है।

अबकी बार किसके आसार?

मुंब्रा कलवा विधानसभा सीट पर पहली बार जितेन्द्र आव्हाण ने शिवसेना उम्मीदवार पर 15 हजार 689 वोटों से जीत दर्ज की। इसके बाद 2014 के चुनाव में यह मार्जिन 47 हजार 683 हो गया। वहीं आखिरी चुनाव यानी 2019 में यहां उन्होंने 75 हजार 639 वोटों से जीत दर्ज की। इस लिहाज से देखा जाए तो यहां एक बार फिर से जितेन्द्र अव्हाण जीत का चौका लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि इस बार एनसीपी में हुई दो फाड़ का असर देखने को मिल सकता है।

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