

Kolkata Strong Room Controversy: सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए कहा कि यह उनकी पुरानी आदत का नतीजा है कि जब भी उन्हें चुनाव में माहौल अपने खिलाफ लगता है, तो वे ईवीएम में हेरफेर की आशंकाएं जताने लगती हैं।
हाल ही में कोलकाता में स्ट्रांग रूम के बाहर करीब तीन घंटे तक विवाद होता रहा। इस मामले में ममता बनर्जी से लेकर टीएमसी के सभी नेताओं के विरोध भी देखे गए। उनका कहना था कि ईवीएम में हेरफेर किया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘ईवीएम में हेरफेर की आशंकाएं जताना पिछले 15 सालों से उनकी आदत का हिस्सा बन गया है। उनके लिए इस पुरानी आदत से छुटकारा पाना नामुमकिन है। इस बार उन्हें अपनी हार का आभास हो रहा है। इसलिए, ईवीएम स्ट्रांग रूम में हेरफेर को लेकर उनका यह नाटक उनकी हार के डर का ही प्रतिबिंब है।’
इस विवाद पर भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा, “पिछले 3-4 महीनों से अलग-अलग तरीके से हार के बहाने तलाशे जा रहे हैं। पहले एसआई को लेकर राजनीति शुरू हुई, उसके बाद चुनाव आयोग, फिर केंद्रीय बलों और अब स्ट्रांग रूम के मुद्दे पर राजनीति हो रही है। ऐसा लगता है कि हारने वाले पक्ष के पास अब कोई और बहाना नहीं बचा है।’ उन्होंने कहा कि 15 साल तक राज करने के बाद अगर कोई पार्टी एसआईआर और स्ट्रांग रूम को लेकर राजनीति कर रही है, तो यह बताता है कि पार्टी ने पहले ही अपनी हार मान ली है। सिर्फ हार के बहाना बताने की पृष्ठभूमि तैयार की जा रही है।
इस मामले पर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया गुरुवार को मुख्यमंत्री के एक वीडियो संदेश के बाद आई, जिसमें उन्होंने स्ट्रॉग रूम में हेरफेर की आशंकाएं जताई थीं। गुरुवार रात को ममता बनर्जी एक स्ट्रांग रूम के अंदर पहुंचीं और कई घंटे तक वहां डटी रहीं। इस दौरान उन्होंने ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाया। हालांकि, बाद में पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्ट्रांग-रूम में ईवीएम और पोस्टल बैलेट से छेड़छाड़ के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
राजीव रंजन ने कहा कि जमीनी हकीकत अब टीएमसी को महसूस हो रही है। ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और पूरी टीएमसी अब इस बात पर सहमत हो गई है कि वह सत्ता में वापस नहीं आने वाली है। टीएमसी चुनाव नतीजों को बदनाम करने की पूरी कोशिश कर रही है।