

Keralam Assembly Election LDF Trailing Latest Update: केरल की 140 विधानसभा सीटों के लिए हो रही मतगणना के शुरुआती रुझानों ने राज्य की राजनीति में बड़े उलटफेर के संकेत दे रहे हैं। अभी तक के आंकड़ों के अनुसार, कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) 93 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है जो बहुमत के आंकड़े से कहीं आगे है। वहीं, लगातार तीसरी बार ऐतिहासिक जीत का सपना देख रहा सत्तारूढ़ वाम मोर्चा (LDF) महज 42 सीटों पर सिमटता नजर आ रहा है।
इस चुनाव परिणाम का सबसे चौंकाने वाला पहलू मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का पिछड़ना है। तिरुवनंतपुरम से आई खबरों के मुताबिक, विजयन समेत उनके मंत्रिमंडल के 14 मंत्री अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में पीछे चल रहे हैं। गौरतलब है कि 2021 के चुनाव में विजयन ने अपनी धर्मडम सीट 50,000 वोटों के भारी अंतर से जीती थी लेकिन इस बार वहां कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।
रुझानों के साफ होते ही यूडीएफ खेमे में जश्न की तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ ने इसे एक स्पष्ट जनादेश बताते हुए कहा कि अब उन्हें सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यूडीएफ का अभियान भ्रष्टाचार के आरोपों, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और सत्ता विरोधी लहर पर केंद्रित था जो मतदाताओं के बीच काफी प्रभावी रहा है। इसके विपरीत, एलडीएफ का 'विकास और कल्याण' का नैरेटिव अपनी सीमाएं छूता नजर आ रहा है। जिससे उसके पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगने की संभावना बढ़ गई है।
भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाला नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) फिलहाल 5 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। हालांकि भाजपा की सीटों की संख्या अभी सीमित है लेकिन पार्टी धीरे-धीरे अपना वोट शेयर बढ़ाने और राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
सभी 140 निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना कड़ी सुरक्षा के बीच जारी है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या मुख्यमंत्री विजयन अपनी सीट बचा पाएंगे और क्या यूडीएफ इन रुझानों को एक निर्णायक और ऐतिहासिक जीत में बदल पाएगा।