पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (सोर्स-सोशल मीडिया)
Fair And Peaceful Elections In Bengal: पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया है और हिंसा की खबरें आ रही हैं। कोलकाता स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के दफ्तर के बाहर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प हुई। चुनाव आयोग ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए TMC को जिम्मेदार ठहराते हुए कड़ी फटकार लगाई है। बंगाल में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने अब कड़े कदम उठाने का फैसला किया है।
कोलकाता में मंगलवार की रात स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब सीईओ कार्यालय के बाहर भारी हंगामा हुआ। वहां मौजूद TMC और भाजपा के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए और उनके बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। हालात को काबू में करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा जिससे स्थिति नियंत्रित हो सके।
TMC के कार्यकर्ताओं ने नियमों की परवाह न करते हुए पूरी रात सीईओ कार्यालय के बाहर अपना धरना जारी रखा। उनका आरोप था कि चुनाव आयोग भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहा है और मतदाता सूची में गड़बड़ी कर रहा है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और वहां लागू धारा-144 का भी खुला उल्लंघन किया।
बुधवार सुबह चुनाव आयोग ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस पूरी अराजकता के लिए सीधे TMC को दोषी ठहराया। आयोग ने साफ शब्दों में कहा कि कानून-व्यवस्था के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में शांति बनी रहे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाहरी दबाव का आयोग के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा और चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी रहेगी। आयोग का लक्ष्य हर मतदाता को बिना किसी डर के वोट देने का सुरक्षित माहौल प्रदान करना है।
TMC का दावा है कि दूसरे राज्यों के लोगों के नाम बंगाल की मतदाता सूची में जानबूझकर शामिल किए जा रहे हैं। वहीं चुनाव आयोग ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि ऐसी बयानबाजी से चुनाव की गरिमा प्रभावित होती है। आयोग ने बेलेघाटा के पार्षद और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है।
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आगामी चुनावों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती पर विचार किया जा रहा है। आयोग अब पल-पल की गतिविधियों पर नजर रख रहा है ताकि किसी भी तरह की हिंसक घटना को रोका जा सके। बंगाल की जनता को भरोसा दिलाया गया है कि उनकी लोकतांत्रिक शक्ति का संरक्षण पूरी तरह किया जाएगा।