

Pawan Khera Allegations On CM Sarma Wife: असम में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल अचानक गरमा गया है। पवन खेड़ा द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी भुयान सरमा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। आरोप और पलटवार के बीच यह मुद्दा अब राजनीतिक टकराव में बदल चुका है। दरअसल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाते हुए कहा था कि हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी सरमा के पास तीन देशों के पासपोर्ट हैं।
साथ ही कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कुछ दस्तावेज भी पेश किए थे। पवन खेड़ा के अनुसार रिनिकी भुयान सरमा के पास संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र और एंटीगुआ और बारबुडा के पासपोर्ट हैं। अब इन आरोपों को लेकर सीएम सरमा ने अल्टीमेटम दिया है कि वह 48 घंटे के अंदर मानहानी का केस दर्ज करवाएंगे।
रविवार को सामने आए आरोपों में पवन खेड़ा ने दावा किया कि रिंकी सरमा के पास संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र और एंटीगुआ और बारबुडा जैसे देशों के पासपोर्ट हैं। इसके अलावा उन्होंने दुबई में संपत्तियां होने और अमेरिका के व्योमिंग स्थित एक बड़ी कंपनी से संबंध होने का भी आरोप लगाया। खेड़ा के मुताबिक, इन विदेशी संपत्तियों और संबंधों का जिक्र चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया है जो गंभीर सवाल खड़े करता है।
पवन खेड़ा ने यह भी सवाल उठाया कि क्या रिनिकी भुयान सरमा के पास भारतीय नागरिकता है क्योंकि भारत में दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है। इन आरोपों के आधार पर उन्होंने मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी और उनकी उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की। साथ ही उन्होंने अमित शाह से मामले में हस्तक्षेप कर विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की अपील की। खेड़ा ने यह आशंका भी जताई कि यदि चुनाव परिणाम उनके खिलाफ जाते हैं तो वह विदेश जाने की कोशिश कर सकता है।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे कांग्रेस की 'हताशा और घबराहट' करार दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव में जनता का समर्थन बढ़ने के कारण विपक्ष इस तरह के आरोप लगाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है। मुख्यमंत्री ने आरोपों को पूरी तरह दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत और राजनीति से प्रेरित बताया।
सीएम सरमा ने ऐलान किया कि वह और उनकी पत्नी पवन खेड़ा के खिलाफ 48 घंटे के भीतर आपराधिक और दीवानी मानहानि के मुकदमे दर्ज कराएंगे। उन्होंने कांग्रेस द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनमें कई तकनीकी और तथ्यात्मक गड़बड़ियां हैं। उनके अनुसार, दस्तावेजों में नाम और तस्वीरों का मेल नहीं खाता, कई जगह डिजिटल छेड़छाड़ के संकेत हैं, वर्तनी की गलतियां हैं, तारीखें मेल नहीं खातीं और एक क्यूआर कोड भी अमान्य पाया गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने असम की राजनीति में हलचल तेज कर दी है, जहां चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है।