नक्सलवाद के खात्मे का अकेले क्रेडिट लेना दुर्भाग्यपूर्ण, अमित शाह के बयान पर प्रियंका चतुर्वेदी का पलटवार

Priyanka Chaturvedi On Amit Shah: अमित शाह के नक्सल मुक्त भारत के दावे पर प्रियंका चतुर्वेदी ने पलटवार किया है। उन्होंने इसे सामूहिक प्रयास बताते हुए महंगाई और सुरक्षा चूक पर चर्चा मांगी।
Priyanka Chaturvedi On Amit Shah
Priyanka Chaturvedi On Amit Shah (फोटो क्रेडिट-X)
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Priyanka Chaturvedi on Naxal Free India: देश में नक्सलवाद के खात्मे की घोषणा पर सियासी संग्राम छिड़ गया है। गृहमंत्री अमित शाह द्वारा 31 मार्च तक भारत को 'नक्सल मुक्त' घोषित करने के दावे पर शिवसेना (UBT) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने तीखा पलटवार किया है। प्रियंका ने इसे एक लंबी प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इसका श्रेय केवल एक सरकार या व्यक्ति को देना उन सुरक्षा बलों और पिछली सरकारों के अपमान जैसा है, जिन्होंने दशकों तक इस मोर्चे पर लड़ाई लड़ी है।

नवी दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने बीजेपी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए और अन्य ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की मांग की।

"नक्सलवाद का खात्मा निरंतर जारी रहने वाला एक्शन"

प्रियंका चतुर्वेदी ने गृहमंत्री अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नक्सलवाद पर प्रभावी कार्रवाई यूपीए (UPA) के कार्यकाल से ही शुरू हो गई थी। उन्होंने याद दिलाया कि कोबरा (CoBRA) जैसे विशेष बलों का गठन और पुलिस आधुनिकीकरण पुरानी सरकारों की देन है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की पूर्व कांग्रेस सरकार के योगदान का भी जिक्र किया। चतुर्वेदी ने कहा, "किसी एक सरकार का इस पर इकलौता हक जमाना दुर्भाग्यपूर्ण है। यह एक सामूहिक जीत है, जिसका श्रेय केवल वर्तमान बीजेपी सरकार अपनी पीठ थपथपाने के लिए ले रही है।"

इंटेलिजेंस फेलियर और आतंकी हमलों पर घेरा

सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सरकार से सवाल किया कि यदि नक्सलवाद के खात्मे पर सदन में चर्चा हो सकती है, तो सुरक्षा और इंटेलिजेंस की अन्य नाकामियों पर चुप्पी क्यों है? उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' से पहले जानकारी लीक होने और लाल किले पर हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए पूछा कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर चर्चा कब होगी? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल उन्हीं मुद्दों को सामने लाती है जिनसे उन्हें राजनीतिक लाभ मिलता है, जबकि बड़ी विफलताओं पर पर्दा डाल दिया जाता है।

महंगाई और मिडिल ईस्ट युद्ध का आम जनता पर असर

जनता के मुद्दों को उठाते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि वर्तमान में देश मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में चल रहे युद्ध के कारण बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहा है। उन्होंने कहा, "युद्ध की वजह से तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे महंगाई आसमान छू रही है। लोगों को LPG सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।" उन्होंने मांग की कि सरकार को नक्सलवाद पर अपनी प्रशंसा करने के साथ-साथ इस अंतरराष्ट्रीय संकट और उसके घरेलू असर पर भी सदन में विस्तृत चर्चा करनी चाहिए।

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