टैंकर माफिया पर लगाम लगाने भर से नहीं होगा जल संकट का समाधान, पानी की बर्बादी करने से बाज आयें लोग : आतिशी
राष्ट्रीय राजधानी में जल संकट को लेकर दिल्ली की जल मंत्री आतिशी ने कहा है कि इस संकट का समाधान केवल टैंकर माफिया पर लगाम लगाकर नहीं किया जा सकता। उन्होंने दावा करते हुये कहा कि कोई बड़ी लीकेज नहीं है, अगर पाइपलाइनों में कोई गड़बड़ी होती है तो उसे 12 घंटे में ठीक कर दिया जाता है।
- Written By: रीना पंवार
पाइपलाइन नेटवर्क का निरीक्षण करती दिल्ली की जल मंत्री आतिशी (सौजन्य सोशल मीडिया)
नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी में लगातार गहराते जल संकट को लेकर दिल्ली की जल मंत्री आतिशी ने कहा है कि शहर में पानी की उपलब्धता में प्रतिदिन 50 मिलियन गैलन की कमी आ रही है और मौजूदा संकट का समाधान केवल टैंकर माफिया पर लगाम लगाकर नहीं किया जा सकता। जल संकट से निपटने के लिये उन्होंने दिल्ली के लोगों से पानी बर्बाद न करने की अपील भी की।
जल मंत्री आतिशी ने संवाददाता सम्मेलन में दावा करते हुये गुरुवार को कहा कि कोई बड़ी लीकेज नहीं है, यह अफवाह है। अगर पाइपलाइनों में कोई गड़बड़ी होती है तो उसे 12 घंटे में ठीक कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि हालिया ऑडिट में दिखा है कि दिल्ली में पानी की लीकेज अंतरराष्ट्रीय मानकों की तुलना में कम है। आतिशी ने संवाददाताओं से कहा कि शहर में वास्तव में जल संकट है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुये कहा कि पानी की बर्बादी करने से बाज आ जायें।
जल मंत्री ने कहा कि यमुना नदी और अन्य स्रोतों से प्राप्त पानी की पर्याप्त आपूर्ति न होने के कारण दिल्ली में औसत जल उपलब्धता काफी कम हो गई है, जो छह दिन पहले 1,000-1,005 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) थी। उन्होंने कहा कि 12 जून को यह 951 एमजीडी था। इसका मतलब है कि पानी की कमी के कारण दिल्ली में उत्पादन में 50 एमजीडी की कमी आई है, जिससे जल पाइपलाइन नेटवर्क के अंतिम छोर पर स्थित क्षेत्रों में पानी की कमी हो गई है।
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संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि यदि टैंकर माफिया सक्रिय हैं और 100-200 टैंकर चलाए जाते हैं, तो वह 0.1-0.5 एमजीडी से अधिक पानी का उपयोग नहीं कर पाएंगे। यदि टैंकर माफिया पर पूरी तरह से लगाम लगा दी जाए, तो भी इससे दिल्ली में जल संकट का समाधान नहीं होगा, क्योंकि दिल्ली को 50 एमजीडी पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
बता दें कि इससे पहले हिमाचल प्रदेश ने सुप्रीम कोर्ट में अपने पिछले बयान से पलटते हुए कहा है कि उसके पास दिल्ली को देने के लिये अतिरिक्त पानी नहीं है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली सरकार को जल आपूर्ति के लिए अपर यमुना रिवर बोर्ड का दरवाजा खटखटाने का निर्देश दिया।
