

Sonam Wangchuk CJP Protest In Delhi: एक्टिविस्ट सोनम वांगचुज आज संसद चलो मुहीम में कॉकरोच जनता पार्टी के साथ शामिल होना चाहते है। उन्होंने सफदरजंग अस्पताल से सिफारिश की है कि उन्हें डिस्चार्ज किया जाए। सोनम वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन को चिट्ठी लिखकर यह मांग की है। यह चिट्ठी उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर भी साझा की है।
जंतर मंतर पर आज हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हुए है और संसद की ओर बढ़ रहे है। हालांकि, इस दौरान आरपीएफ के जवानों ने उन पर लाठीचार्ज किया है। फिर भी प्रदर्शन जारी रखा गया है। सोनम वांगचुक ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर चिट्ठी पोस्ट कर लिखा, "सोनम वांगचुक आप सभी से मिलने की पूरी कोशिश कर रहे हैं! उन्होंने अभी अस्पताल में एक चिट्ठी दी है क्योंकि उनकी सेहत ठीक है और अस्पताल का कहना है कि उन्हें हिरासत में नहीं रखा गया है। तो फिर ये पाबंदियां क्यों हैं?"
सोनम वांगचुक के लिए आज का संसद चलो प्रदर्शन बेहद अहम है। वे पिछले एक महीने से नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे है। उन्होंने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि वे ठीक है और उनकी सेहत भी नॉर्मल है। इसलिए उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने के लिए डिस्चार्ज दिया जाए। सोमवार सुबह उन्होंने अपना अनशन वापस लेने की भी बात की है। सोनम वांगचुक ने सरकार के सामने तीन शर्तें रखी है, जिसे अगर सरकार मान लेती है तो वे आज अपना अनशन तोड़ देंगे।
बता दें, कि सफदरजंग अस्पताल ने भी सोनम वांगचुक की सेहत में सुधार होने की बात कही थी। 20 जुलाई को बुलेटिन जारी कर अस्पताल ने उनकी सेहत की जानकारी दी थी। सोनम वांगचुक के हेल्थ को लेकर अस्पताल ने कहा, “सोनम वांगचुक का VMMC और सफदरजंग अस्पताल में अच्छी तरह से इलाज जारी है। उनके जरूरी हेल्थ पैरामीटर अभी स्थिर हैं। ब्लड पैरामीटर पर लगातार बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।"
https://twitter.com/ians_india/status/2079065361530704281
अस्पताल के बयान में बताया गया, कि सोनम वांगचुक लगातार मेडिकल देखरेख में हैं और मेडिकल स्पेशलिस्ट की एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम उनकी बारीकी से निगरानी और सेहत का ध्यान रख रही है। VMMC और सफदरजंग अस्पताल और AIIMS, नई दिल्ली की इलाज करने वाली टीमों के क्लिनिकल असेसमेंट के आधार पर, किसी भी संभावित जटिलता का जल्द पता लगाने और समय पर इलाज के लिए लगातार मेडिकल मदद और बिना रुके क्लिनिकल निगरानी जरूरी है। उन्हें जरूरी सभी मेडिकल देखभाल मिल रही है, और विशेषज्ञों की एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम उनकी क्लिनिकल स्थिति पर लगातार बारीकी से नजर रख रही है।