Delhi: सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने ली राहत की सांस, 23 साल पुराने मानहानि मामले में बरी

दिल्ली के साकेत की एक अदालत ने नर्मदा बचाओ आंदोलन की कार्यकर्ता मेधा पाटकर को जमानत दे दी है, जिन्हें दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना मानहानि मामले में दोषी ठहराया गया था।
सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने ली राहत की सांस
सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने ली राहत की सांस। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Updated on

दिल्ली: दिल्ली के साकेत की एक अदालत ने नर्मदा बचाओ आंदोलन की कार्यकर्ता मेधा पाटकर को जमानत दे दी है, जिन्हें दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना मानहानि मामले में दोषी ठहराया गया था। उन्होंने इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। उच्च न्यायालय ने उन्हें निचली अदालत में जाने की सलाह दी थी। इस बीच आज दिल्ली की एक अदालत में हुई सुनवाई के दौरान मेधा पाटकर को बड़ी राहत मिली।

दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने साकेत जिला न्यायालय ने मंगलवार को प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर को सक्सेना द्वारा दायर 23 साल पुराने मानहानि मामले में दोषी ठहराते हुए एक साल की परिवीक्षा पर रिहा कर दिया। मेधा पाटकर आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुईं।

जेल की सज़ा ज़रूरी नहीं थी

वी.के. दिल्ली सत्र न्यायालय ने कहा है कि सामाजिक कार्यकर्ता पाटकर को सक्सेना को बदनाम करने के लिए जेल नहीं जाना पड़ेगा। वे समाज में सम्मानित लोग हैं। उन्हें उनके सामाजिक कार्यों के लिए कई राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। अदालत ने यह भी कहा कि उसके खिलाफ पहले कोई मामला दर्ज नहीं था, इसलिए उसे जेल की सजा की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने यह आदेश मेधा पाटकर की उम्र, पिछली सजा न होने और उनके द्वारा किए गए अपराध को ध्यान में रखते हुए पारित किया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि 10 लाख रुपये का मुआवजा भी घटाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है, जो उन्हें जमा कराना होगा। देश की अन्य खबरों को पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें...

क्या है मामला

2003 में सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर 'नर्मदा बचाओ आंदोलन' में सक्रिय थीं। इसी समय वी.के. सक्सेना नेशनल काउंसिल फॉर सिविल लिबर्टीज में सक्रिय थे। उस समय उन्होंने मेधा पाटकर के विरोध का कड़ा विरोध किया था। पहला मानहानि मामला इसी से संबंधित है। मेधा पाटकर ने वीके सक्सेना और नर्मदा बचाओ आंदोलन के उनके विज्ञापन के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। सक्सेना ने मेधा पाटकर के खिलाफ अपमानजनक बयान देने के लिए 2 मानहानि के मामले दायर किए थे।

Navbharat Live
navbharatlive.com