सत्य निकेतन हादसे पर AIIMS का हेल्थ बुलेटिन, 6 की मौत; 1 मरीज की सर्जरी, एक को मिली छुट्टी

Satya Niketan Building Collapse: सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे पर AIIMS ने हेल्थ बुलेटिन जारी किया। 6 लोगों की मौत, 3 भर्ती हैं। एक मरीज की सर्जरी हुई और एक को डिस्चार्ज किया गया।
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जय प्रकाश ट्रॉमा सेंटरसौजन्य-IANS
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AIIMS Health Bulletin: दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन में बहुमंजिला इमारत गिरने से अब तक छह लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि रातभर चले अभियान के दौरान एक और व्यक्ति के शव को मलबे से निकाला गया। फिलहाल, 11 लोगों को बचा लिया गया है, जबकि कई अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका है।

दिल्ली के सत्य निकेतन में गिरी इमारत, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई, उस जगह पर दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, MCD कमिश्नर संजीव खिरवार, BJP विधायक अनिल शर्मा और अन्य अधिकारी मौजूद हैं। सत्य निकेतन में इमारत ढहने के बाद रातभर राहत और बचाव अभियान जारी रहा।

दिल्ली AIIMS ने जारी किया हेल्थ बुलेटिन

हादसे में घायल लोगों को दिल्ली AIIMS में भर्ती कराया गया था। AIIMS ने घायलों को लेकर हेल्थ एडवाइजरी जारी की है। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने से घायल हुए 10 लोगों को JPN एपेक्स ट्रॉमा सेंटर (AIIMS) लाया गया था।

इन 10 लोगों में से 5 को मृत अवस्था में लाया गया था, जबकि गंभीर हालत वाले एक व्यक्ति की बाद में मौत हो गई और तीन लोगों को भर्ती किया गया है और उनका इलाज चल रहा है। एक व्यक्ति के अंग की सर्जरी की गई। एक व्यक्ति को मामूली चोट आई थी और निगरानी के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।

रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी NDRF

सोमवार सुबह भी दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), दिल्ली अग्निशमन सेवा और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीमें अभियान में जुटी हैं। मलबे उठाने का काम भी जारी है। NDRF के कुत्तों की मदद से मलबे में लगातार खोज अभियान चलाया जा रहा है और संभावित जगहों की जांच की जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि मलबे में अभी भी कई लोगों, जिनमें अधिकतर छात्र हैं, के फंसे होने की आशंका है और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं।

50 साल पुरानी बिल्डिंग ढही

बता दें कि यह हादसा रविवार दोपहर करीब 1.30 बजे हुआ। उस समय सत्य निकेतन बिल्डिंग के तहखाने में मरम्मत का काम चल रहा था। अधिकारियों ने यह भी आशंका जताई कि भारी बारिश भी इस घटना का कारण हो सकती है।

लगभग 40-50 साल पुरानी इस इमारत में एक तहखाना और पांच ऊपरी मंजिलें थीं। इसका इस्तेमाल छात्रों के लिए पीजी के तौर पर किया जा रहा था, जिनमें से कई छात्र दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस में पढ़ाई कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि परिसर में लगभग 40 लोगों के ठहरने के कमरे थे।

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सीएम रेखा गुप्ता ने लिया जायजा

वहीं, रविवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बहुमंजिला इमारत के ढहने की घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए। घटनास्थल का मुआयना करने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इमारत गिरने के कारणों की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया और इमारत के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रेखा गुप्ता ने घटनास्थल पर स्थिति का जायजा लेने के बाद कहा, "इस गंभीर घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने वालों को पूरी तरह से जवाबदेह ठहराया जाएगा और कानून के कड़े प्रावधानों के तहत उनसे निपटा जाएगा।"

दिल्ली पुलिस के अनुसार, कथित मालिक हरिराम और अन्य के खिलाफ साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पश्चिम) अमित गोयल ने मामले के दर्ज होने की पुष्टि की।

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