

Jantar Mantar Students Protest: केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और सरकार के साथ सहमति बनने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर पर अपना 36 दिनों से चल रहा आंदोलन समाप्त कर दिया था। लेकिन अब जंतर-मंतर पर एक बार फिर छात्रों का प्रदर्शन शुरू हो गया है। हालांकि इस बार प्रदर्शन की अगुवाई CJP नहीं, बल्कि वामपंथी विचारधारा से जुड़े दिशा छात्र संगठन के कार्यकर्ता कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि आंदोलन के दौरान जिन छात्रों को हिरासत में लिया गया, उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ली जाएं, गिरफ्तार छात्रों को तुरंत रिहा किया जाए और पुलिस द्वारा एकत्र किए गए छात्रों के रिकॉर्ड को भी हटाया जाए।
जंतर-मंतर पहुंचे छात्रों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। प्रदर्शन में शामिल एक छात्रा ने कहा कि 36 दिनों तक चले आंदोलन के बाद सरकार ने पहले लाठीचार्ज किया, फिर इस्तीफा दिया और अब छात्रों पर कार्रवाई जारी रखी हुई है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें हैं, आंदोलन के दौरान गिरफ्तार सभी छात्रों की तत्काल रिहाई। दर्ज एफआईआर और अन्य कानूनी कार्रवाई वापस ली जाए। छात्रों का एकत्र किया गया पुलिस रिकॉर्ड हटाया जाए। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भविष्य में कोई दंडात्मक कार्रवाई न हो।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनका संगठन सीधे तौर पर CJP का हिस्सा नहीं है। हालांकि, दिशा छात्र संगठन के कई सदस्य पहले CJP के नेतृत्व में चले आंदोलन में शामिल रहे थे। इस बार उनका आंदोलन विशेष रूप से पुलिस कार्रवाई और छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर केंद्रित है।
नए प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली प्रशासन ने जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। प्रशासन बैरिकेड्स को वेल्डिंग कर स्थायी रूप से मजबूत कर रहा है ताकि भविष्य में प्रदर्शनकारी उन्हें हटाकर आगे न बढ़ सकें।
फिलहाल जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात हैं। प्रशासन का कहना है कि यह कदम भविष्य में बड़े या उग्र प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।