जामिया मिलिया इस्लामिया में फिर बवाल...RSS के युवा कुंभ का क्यों हो रहा विरोध? छावनी में तब्दील हुआ कैंपस

RSS Yuva Kumbh: जामिया मिलिया इस्लामिया में RSS की 100वीं वर्षगांठ पर प्रस्तावित ‘युवा कुंभ’ का छात्र संगठनों ने कड़ा विरोध किया है। सुरक्षा के मद्देनजर कैंपस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
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जामिया मिलिया इस्लामिया में RSS के युवा कुंभ का विरोध (Image- Social Media)
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Jamia Millia Islamia: जामिया मिलिया इस्लामिया में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100वीं वर्षगांठ पर प्रस्तावित ‘युवा कुंभ’ कार्यक्रम को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। विश्वविद्यालय की छात्र इकाइयों स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने प्रशासन से इस कार्यक्रम की अनुमति वापस लेने की मांग की है।

विरोध को देखते हुए कैंपस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। छात्र संगठनों का कहना है कि यह आयोजन अल्पसंख्यक छात्रों की गरिमा और सुरक्षा के लिए उचित नहीं है। SFI और NSUI ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जामिया परिसर को “सांप्रदायिक ताकतों” से दूर रखा जाना चाहिए।

RSS के 100 साल पूरे होने पर कार्यक्रम

SFI से जुड़े छात्र अतीकुर रहमान ने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय के कई कॉलेजों में RSS के 100 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रमों का विरोध हुआ है। उन्होंने कहा कि अब ऐसा ही आयोजन जामिया में भी प्रस्तावित है, जहां वैचारिक मतभेद साफ दिखाई देते हैं। SFI के बयान में कहा गया है कि ऐसे संस्थान, जहां बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक छात्र पढ़ते हैं, वहां RSS की शताब्दी का आयोजन उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है। संगठन ने मांग की है कि कार्यक्रम की अनुमति तुरंत रद्द की जाए, साथ ही प्रशासन इस अनुमति को लेकर स्पष्टीकरण दे और भविष्य में ऐसे किसी भी विवादित या विभाजनकारी आयोजन को कैंपस में जगह न दी जाए।

सेवा भावना को बढ़ावा देने वाला कार्यक्रम

दूसरी ओर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े ‘युवा कुंभ’ के प्रचार में इसे युवाओं को जोड़ने, नेतृत्व विकसित करने और सेवा भावना को बढ़ावा देने वाला कार्यक्रम बताया गया है, जो “राष्ट्र प्रथम” विचारधारा और संगठन के 100 वर्षों के योगदान का उत्सव है।

नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया ने भी पोस्टर जारी कर इस आयोजन का विरोध जताया है और इसकी अनुमति रद्द करने की मांग दोहराई है। फिलहाल इस मामले पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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