दिल्ली पुलिस और वकीलों के बीच तनाव जारी, रोहिणी बार संघ के अध्यक्ष राजीव तेहलान बोले- अपमान कतई बर्दाश्त नहीं!

Shahdara Police Station Clash: शाहदरा थाने में हुई दिल्ली पुलिस और वकीलों के बीच तनाव को लेकर मामला गर्मा रहा है। रोहिणी बार संघ के अध्यक्ष राजीव तेहलान ने भी कहा कि वकीलों का अपमान सहन नहीं होगा।
Delhi Police And Lawyers Clash
दिल्ली पुलिस और वकीलों के बीच तनाव जारीसोर्स: सोशल मीडिया
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HIGHLIGHTS

  • शाहदरा थाने में हुई दिल्ली पुलिस और वकीलों के बीच तनाव

  • रोहिणी बार संघ के अध्यक्ष राजीव तेहलान ने की टिप्पणी

  • कहा- जिस भाषा का इस्तेमाल किया गया, वो पूरी तरह से अस्वीकार्य

  • दिल्ली पुलिस ने 'काले कोट पहनने वाले लोग' कहकर अपमानित किया

Delhi Police And Lawyers Clash: 23 अक्टूबर 2026 को हुए तनाव का असर अब भी थमता हुआ दिखाई नहीं दे रहा। अब दिल्ली पुलिस और वकीलों के बीच तनाव मामले में रोहिणी बार संघ के अध्यक्ष राजीव तेहलान का भी बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने साफ कहा कि दिल्ली पुलिस की ये तनातनी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, 23 अक्टूबर को दिल्ली के शाहदरा थाने में पुलिस और वकील के बीच झड़प हो गई। इस दौरान एक वकील के सिर में गंभीर चोट भी आई है। जिसके बाद थाने में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हिंसा फैल गई।

जिसके बाद वकील को चोटिल करने के आरोप में ACP मनस्वी वशिष्ठ को पद से निलंबित कर दिया गया। ACP मनस्वी वशिष्ठ के खिलाफ ये कार्रवाई बीते सोमवार को हुई। ये कार्रवाई सोमवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर हुए प्रदर्शन को लेकर की गई है। मामला वकीलों और पुलिस के बीच झड़प से जुड़ा है।

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रोहिणी बार संघ के अध्यक्ष राजीव तेहलान ने क्या कहा

राजधानी दिल्ली में पुलिस और वकीलों के बीच तनाव के बाद रोहिणी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव तेहलान का कहना है कि कल पुलिस मुख्यालय में पुलिस के विरोध-प्रदर्शन के दौरान वकीलों के खिलाफ जिस भाषा का इस्तेमाल किया गया, वो पूरी तरह से अस्वीकार्य है और हम इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेंगे।

मैंने इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी पोस्ट किया था। वकीलों का साफ रुख है कि ऐसी भाषा बर्दाश्त नहीं की जा सकती। 'काले कोट पहनने वाले लोग' कहकर उन्होंने सबको लपेट लिया।

भारत के मुख्य न्यायाधीश से लेकर जिला और तालुका अदालतों में प्रैक्टिस करने वाले आम वकीलों पर उन्होंने अपमानजनक टिप्पणी की। आगे उन्होंने कहा कि किसी ने तो ये भी कह दिया कि इन्हें AK-47 से गोली मार देनी चाहिए। लोकतंत्र में ऐसी भाषा बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है और ये मर्यादा की सारी हदें पार कर देती है।

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पुलिस मुख्यालय के बाहर ऐसे हुई झड़प

पुलिस मुख्यालय के बाहर दिल्ली पुलिस के करीब 150 कर्मियों ने प्रदर्शन किया। सभी पुलिस और वकीलों के बीच हुई झड़प के बाद अधिकारियों के तबादले के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन की अगुवाई खुद एसीपी वशिष्ठ ने की।

मामला बढ़ता देख दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने खुद आकर पुलिसकर्मियों से बातचीत भी की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को ये आश्वासन भी दिया कि उनकी सभी जायज शिकायतों को दूर करने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। हालांकि अब एसीपी वशिष्ठ को निलंबित कर दिया गया है।