मौत की कार में कौन था वो 'बाबा'? लक्ष्मी की दो शादियां और गायब फोन ने उलझाई गुत्थी

Delhi Crime News: दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर मिली तीन शवों के मामले में CCTV से एक रहस्यमयी 'बाबा' का सुराग मिला है। लक्ष्मी के दो पतियों और रणधीर के गायब मोबाइल ने केस को और पेचीदा बना दिया है।
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इसी कार में मृत पाए गए थे तीनों, फोटो- सोशल मीडिया
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Peeragarhi Triple Death Case: दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में एक कार के अंदर तीन शवों के मिलने की घटना ने पूरी राजधानी को दहला दिया है। पुलिस जिसे पहले सामूहिक आत्महत्या मान रही थी, अब सीसीटीवी में दिखे एक संदिग्ध 'बाबा' और मृतक महिला के रहस्यमयी अतीत ने इस मामले को एक गहरी साजिश की ओर मोड़ दिया है।

रविवार दोपहर करीब 3:50 बजे पीरागढ़ी फ्लाईओवर की सर्विस लेन पर खड़ी एक सफेद रंग की कार में तीन लोग मृत पाए गए। इस मामले में सबसे बड़ा खुलासा सीसीटीवी फुटेज से हुआ है, जिसमें कार के भीतर एक 'बाबा' के वेश में संदिग्ध व्यक्ति बैठा नजर आया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह 'बाबा' घटना के दिन कार की फ्रंट पैसेंजर सीट पर बैठा था और तीनों मृतकों से बातचीत कर रहा था।

जांच में पता चला है कि मृतक पहले से ही इस संदिग्ध 'बाबा' के संपर्क में थे और वह अक्सर उनसे मिलता रहता था। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या वह व्यक्ति ही इस रहस्यमय मौत की 'अहम कड़ी' है।

लक्ष्मी के दो पति और अनसुलझे रिश्ते: कौन थी वो महिला?

मृतकों की पहचान 76 वर्षीय रणधीर, 47 वर्षीय शिव नरेश सिंह और 40 वर्षीय लक्ष्मी देवी के रूप में हुई है। पुलिस जांच में लक्ष्मी देवी से जुड़ी एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि उसने दो शादियां कर रखी थीं। उसका एक पति बिहार में रहता है, जबकि दूसरे के साथ वह दिल्ली के जहांगीरपुरी में रहती थी। चौंकाने वाली बात यह है कि रणधीर और शिव नरेश पिछले छह साल से बिजनेस पार्टनर थे और उनके परिवार एक-दूसरे को जानते थे, लेकिन दोनों में से कोई भी परिवार लक्ष्मी देवी को नहीं जानता था। शिव के परिजनों के अनुसार, लक्ष्मी पेशे से एक केयरटेकर थी और वह शिव को लंबे समय से जानती थी।

करोड़ों की संपत्ति, गायब मोबाइल और ब्लैकमेलिंग का शक

बताया जा रहा है कि मृतक रणधीर एक अमीर व्यक्ति थे, जो किराए से हर महीने लाखों रुपये कमाते थे और उनकी दिल्ली में 5 करोड़ रुपये की एक नई प्रॉपर्टी का उद्घाटन होने वाला था। पुलिस अब 'ब्लैकमेलिंग' और 'फाइनेंशियल झगड़े' के एंगल से जांच कर रही है। घटना के बाद से रणधीर का मोबाइल फोन रहस्यमयी ढंग से गायब है, जबकि अन्य दो मृतकों के फोन कार में ही मिले हैं। कार के भीतर से शराब की बोतलें, डिस्पोजल ग्लास और एक सॉफ्ट ड्रिंक की बोतल मिली है, जिससे जहरीली गंध आ रही थी। शिव और लक्ष्मी के मुंह से उल्टी निकली हुई थी, जिससे अंदेशा है कि उन्हें 'जहरीला पेय' पिलाया गया होगा।

परिवार ने सुसाइड को नकारा: "यह सोची-समझी साजिश है"

रणधीर और शिव नरेश के परिवारों ने आत्महत्या की बात को सिरे से खारिज कर दिया है। रणधीर की बेटी सविता और भतीजे मोहित का कहना है कि वे एक खुशमिजाज व्यक्ति थे और आर्थिक रूप से बहुत समृद्ध थे, इसलिए उनके सुसाइड करने का कोई कारण नहीं था।

शिव के बेटे अतुल की मानें तो उसके पिता सुबह एक बिजनेस डील के लिए घर से निकले थे और उनके साथ 4-5 लोग होने वाले थे। पुलिस अब विसरा रिपोर्ट और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि यह हत्या है या 'मर्डर-सुसाइड'। फिलहाल, दिल्ली पुलिस 'बाबा' की भूमिका और गायब मोबाइल की तलाश में जुटी है।

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