

Swine Flu Outbreak In Delhi NCR: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में इन दिनों मौसमी बीमारी और H1N1 (स्वाइन फ्लू) वायरस का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। बदलते मौसम के बीच फ्लू के बढ़ते मामलों ने आम जनता से लेकर प्रशासन तक की टेंशन बढ़ा दी है। हाल ही में सामने आए एक चौंकाने वाले सर्वे में यह खुलासा हुआ है कि दिल्ली-NCR के आधे से अधिक घरों में लोग फ्लू या वायरल बुखार की चपेट में हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार ने भी एक हेल्थ एडवाइजरी जारी कर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
इस संकट के बीच 'लोकलसर्कल्स' द्वारा एक सर्वे जारी किया गया। इस सर्वे में दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद के करीब 32,643 लोगों की राय ली गई, जिसमें 69% पुरुष और 31% महिलाएं शामिल थीं।
सर्वे के आंकड़े बेहद डराने वाले हैं:
दिल्ली-NCR के 54% घरों में कम से कम एक सदस्य फ्लू या वायरल बुखार के लक्षणों से पीड़ित है।
23% घरों में स्थिति और भी गंभीर है, जहां 4 या उससे अधिक लोग इस वायरस की चपेट में हैं।
करीब 16% घरों में 2 से 3 सदस्य बीमार हैं।
15% घरों में कम से कम एक सदस्य बीमारी के लक्षणों का सामना कर रहा है।
चिंता की बात यह है कि कुल मिलाकर 39% घरों में एक ही समय पर 2 या उससे अधिक लोग बीमार हैं, जिससे यह साफ होता है कि घरों के भीतर संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में H1N1 के मामलों में पिछले साल की तुलना में भारी उछाल आया है।
अकेले 20 अगस्त को ही इन्फ्लूएंजा के 159 नए मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 114 मामले सीधे तौर पर H1N1 (स्वाइन फ्लू) से जुड़े थे।
इस साल अब तक दिल्ली में इन्फ्लूएंजा-A के कुल 2,392 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 1,777 मामले केवल H1N1 के हैं। इस संख्या में H1 के 37 केस, H3 के 138 केस और अन्य इन्फ्लूएंजा के 440 केस भी शामिल हैं।
पिछले साल इसी अवधि में केवल 229 मामले ही दर्ज किए गए थे, यानी इस साल मामलों में करीब 8 गुना की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
हालांकि, आधिकारिक आंकड़ों में केवल वही लोग शामिल हैं जिन्होंने अस्पतालों या लैबोरेटरीज में टेस्ट करवाया था, जबकि घर पर ठीक होने वाले लोग इस आंकड़े से बाहर हो सकते हैं।
तेजी से बढ़ते मामलों के बीच लोगों में नए स्ट्रेन को लेकर घबराहट थी, जिस पर इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने स्थिति साफ की है। ICMR का कहना है कि देश में H1N1 का कोई नया स्ट्रेन नहीं मिला है। वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में फैल रहा वायरस 'A/Missouri/11/2025 (H1N1) pdm09' स्ट्रेन से मिलता-जुलता है, जो साल 2025 से ही देश में सक्रिय है। इसलिए घबराने की कोई बात नहीं है और लोगों को संयम बनाए रखना चाहिए।
ICMR ने मौसमी इन्फ्लूएंजा को एक 'ज्यादातर अपने-आप ठीक होने वाली बीमारी' बताया है, जो सही देखभाल और आराम से ठीक हो सकती है। इसके मुख्य लक्षणों में शामिल हैं:
तेज बुखार और ठंड लगना
खांसी और गले में खराश होना
सिरदर्द और शरीर में तेज दर्द
अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस होना
हालांकि, सामान्य लोगों के लिए यह गंभीर नहीं है, लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को इससे गंभीर जटिलताओं का खतरा अधिक होता है, इसलिए उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
बढ़ते संक्रमण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने लोगों से निम्नलिखित बातों का पालन करने की अपील की है:
स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें और साफ-सफाई का पालन करें।
भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर बिना लापरवाही किए समय पर डॉक्टर की सलाह लें।