Delhi Liquor Scam: केजरीवाल को जस्टिस स्वर्ण कांता पर भरोसा क्यों नहीं? दिल्ली HC से कर दी जज बदलने की मांग

Aam Aadmi Party: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य ने दिल्ली हाई कोर्ट को एक पत्र लिखकर दिल्ली शराब घोटाला केस को दूसरी बेंच के पास ट्रांसफर करने की अपील की है।
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अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया व जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा (डिजाइन फोटो)
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Delhi Liquor Scam Case: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने दिल्ली हाई कोर्ट को एक पत्र लिखा है। इस पत्र के जरिए उन्होंने दिल्ली शराब घोटाला केस को दूसरी बेंच के पास ट्रांसफर करने की अपील की है।

अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य ने हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय को लेटर लिखकर शराब घोटाले वाले केस को किसी और 'निष्पक्ष' बेंच के सामने ट्रांसफर करने की मांग की है। गौरतलब है कि ट्रायल कोर्ट से केजरीवाल समेत 23 आरोपियों को दोषमुक्त किए जाने के आदेश को सीबीआई ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

'आप' ने उठाए 'निष्पक्षता' पर सवाल

बीते कल आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने जस्टिस स्वर्ण कांता की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए थे और पूछा था कि उनका भारतीय जनता पार्टी से क्या रिश्ता है? वहीं अब खुद अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखे लेटर में जज के पक्षपाती होने के आरोप लगा दिए हैं।

पहले लग चुका है आरोपियों को झटका

दिल्ली हाईकोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में शराब घोटाले से जुड़े कुछ मामलों की पहले भी सुनवाई हो चुकी है। इन सुनवाइयों में आरोपियों को झटका लगा था। स्वर्ण कांता शर्मा ने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को भी उचित करार दिया था।

पत्र में केजरीवाल ने क्या तर्क दिया?

केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य की ओर से चीफ जस्टिस को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सीबीआई द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका को 'निष्पक्ष बेंच' के पास ट्रांसफर किया जाए। पत्र में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा पर 'पक्षपात' के आरोप लगाते हुए कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उनके हर आदेश को पलट दिया था।

केजरीवाल ने कहा कि यदि केस उनकी बेंच के सामने रहा तो संभव है कि निष्पक्ष सुनवाई नहीं होगी। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को होनी है। इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी को केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य को आरोप मुक्त कर दिया था और सीबीआई की खिंचाई करते हुए कहा था कि उसका मामला न्यायिक जांच में पूरी तरह से विफल रहा और पूरी तरह निराधार था।

HC की पहली सुनवाई में क्या हुआ?

सीबीआई ने हाई कोर्ट में आदेश को चुनौती है। पहली सुनवाई पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने आरोपियों को बरी किये जाने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते हुए निचली अदालत के आदेश में की गई टिप्पणियों पर रोक लगा दी। इतना ही नहीं उन्होंने ईडी केस की सुनवाई पर भी स्टे लगा दिया।

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