Delhi Assembly Session: आज BJP पेश करेगी CAG रिपोर्ट, शीश महल-शराब घोटाले से जुड़े राज का होगा पर्दाफाश!
रिपोर्ट में कहा गया है कि 6 फ्लैग स्टाफ रोड वाले बंगले को और बड़ा करने के लिए नियमों का उल्लंघन करके कैंप ऑफिस और स्टाफ ब्लॉक को भी उसमें मिला लिया गया था। यह वहीं बंगला है, जिसमें पूर्व सीएम केजरीवाल रहा करते थे।
- Written By: विकास कुमार उपाध्याय
रेखा गुप्ता और आतिशी, फोटो - सोशल मीडिया
नई दिल्ली : दिल्ली में नए सरकार गठन के बाद बीते 24 फरवरी से दिल्ली विधानसभा का पहला सत्र जारी है। विधानसभा के पहले सत्र के पहले दिन मंत्रियों ने शपथ लिया। आज दिल्ली विधानसभा का दूसरा दिन है। विधानसभा में आज पेश होने वाली सीएजी रिपोर्ट (CAG Report) में ‘6 फ्लैग स्टाफ रोड’ पर मुख्यमंत्री आवास के नवीनीकरण में गंभीर अनियमितताओं का मुद्दा उठाया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 6 फ्लैग स्टाफ रोड वाले बंगले को और बड़ा करने के लिए नियमों का उल्लंघन करके कैंप ऑफिस और स्टाफ ब्लॉक को भी उसमें मिला लिया गया था। बता दें, यह वहीं बंगला है, जिसमें दिल्ली के पूर्व सीएम केजरीवाल रहा करते थे।
कोरोना काल में हुआ था बंगले का रिनोवेशन
रिपोर्ट के अनुसार 6 फ्लैग स्टाफ रोड पर सीएम आवास के मरम्मत कार्य के लिए, लोक निर्माण विभाग यानी PWD ने टाइप VII और VIII आवास के लिए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग यानी CPWD द्वारा प्रकाशित प्लिंथ एरिया दरों को अपनाकर 7.91 करोड़ रुपये का बजट एस्टीमेट बनाया था। ध्यान देने वाली बात यह है कि दिल्ली लोक निर्माण विभाग द्वारा इस कार्य को अति आवश्यक घोषित किया गया था। कोरोना काल के दौरान ही बंगले के रिनोवेशन का पूरा काम संपन्न हुआ।
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शराब नीति घोटाले पर कैग रिपोर्ट में हुआ ये खुलासा
कैग रिपोर्ट में शराब नीति घोटाले के बारे में कई गंभीर बातें सामने आईं। रिपोर्ट के अनुसार, शराब नीति में खामियों के कारण सरकार को 2,026 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। शराब नीति बनाने से पहले विशेषज्ञों से सलाह ली गई थी, लेकिन उनकी सिफारिशों को नजरअंदाज किया गया। कई ऐसी कंपनियों को भी लाइसेंस दिए गए जिनकी शिकायतें थीं या जो घाटे में चल रही थीं।
महत्वपूर्ण फैसलों पर कैबिनेट और उपराज्यपाल से मंजूरी नहीं ली गई और शराब नीति के नियमों को विधानसभा में पेश नहीं किया गया। कोविड-19 के नाम पर 144 करोड़ रुपये की लाइसेंस फीस माफ कर दी गई, जबकि इसकी कोई जरूरत नहीं थी। इसके अलावा, लाइसेंस वापसी के बाद फिर से नीलामी नहीं की गई, जिससे 890 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। ऐसे ही कई और फैसलों से सरकार को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
मोहल्ला क्लीनिक को लेकर कैग रिपोर्ट में क्या खुलासा हुआ?
स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय यानी DGHS, 2016-23 के दौरान मोहल्ला क्लीनिक के निर्माण के लिए आवंटित 35.16 करोड़ रुपये के बजट में से सिर्फ 9.78 करोड़ (28 प्रतिशत) ही खर्च कर सका। 31 मार्च 2017 तक 1000 आम आदमी मोहल्ला क्लीनिक स्थापित करने के लक्ष्य के मुकाबले, विभाग केवल 523 मोहल्ला क्लीनिक ही स्थापित कर सका, जिसमें 31 इवनिंग शिफ्ट वाली मोहल्ला क्लीनिक शामिल थीं। दिल्ली के चार जिलों में 218 में से 41 मोहल्ला क्लीनिक डॉक्टरों की कमी और स्टाफ के छुट्टी पर होने के कारण महीने में 15 दिन से लेकर 23 दिन तक की अवधि के लिए बंद रहे थे।.
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दिल्ली विधानसभा में आज यानी 25 फरवरी CAG रिपोर्ट पेश होने वाली है। ऐसे में कैग की इन सारे खुलासे दिल्ली में पिछली आम आदमी पार्टी के सरकार की पोल खुल चुकी है। आम आदमी पार्टी और दिल्ली के पूर्व सीएम केजरीवाल के लिए कैग के इस रिपोर्ट से मुश्किलें और बढ़ने वाली है। हालांकि, विधानसभा के इस सत्र में विपक्षी आम आदमी पार्टी अपने आप को सही साबित करने की कोशिश करेगी, जिसके कारण सदन में हंगामें की संभावना बनी हुई है।
