ई-मेल के जरिए खौफनाक प्लान! दिल्ली के 50 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, दहशत में अभिभावक

Delhi Schools Bomb Threats: दिल्ली में फिर से स्कूलों को धमकी भरे संदेश मिले हैं। ये धमकियां ईमेल के माध्यम से मिली हैं, जिससे छात्रों, उनके माता-पिता और शिक्षकों में भय का माहौल बन गया है।
ई-मेल के जरिए खौफनाक प्लान! दिल्ली के 50 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, दहशत में अभिभावक
दिल्ली के 50 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, फोटो ( सो. सोशल मीडिया)
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Delhi Bomb Threat Email: दिल्ली के स्कूलों को एक बार फिर बम धमाके की धमकी मिली है। जानकारी के अनुसार, मालवीय नगर, करोल बाग समेत करीब 50 स्कूलों को ई-मेल के जरिए उड़ाने की चेतावनी भेजी गई है। इसके अलावा हौज रानी और प्रसाद नगर स्थित आंध्रा स्कूल को भी धमकी भरे मेल प्राप्त हुए हैं। गौरतलब है कि दो दिन पहले भी राजधानी के 32 स्कूलों को धमकी दी गई थी।

दिल्ली पुलिस की डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दस्ता और फायर विभाग की टीम लगातार स्कूलों की तलाशी ले रही है, लेकिन अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। इससे पहले 18 अगस्त को द्वारका के दो स्कूल और एक कॉलेज को बम की धमकी वाला ईमेल भेजा गया था, जिसके चलते सुरक्षा के लिहाज से सभी को खाली कराया गया था। इसमें दिल्ली पब्लिक स्कूल, द्वारका भी शामिल था।

मौके पर बम डिस्पोजल टीम

धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस और बम डिस्पोजल टीम मौके पर पहुंची। फायर विभाग को सुबह 7 बजकर 24 मिनट पर इस मामले की जानकारी दी गई थी। हालांकि शुरुआती जांच में अभी तक कोई खतरनाक सामान नहीं मिला है। गौरतलब है कि इससे पहले भी दिल्ली के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं, लेकिन अब तक हर बार जांच के बाद यह झूठी साबित हुई हैं।

16 जुलाई को भी मिली थी धमकी

राजधानी दिल्ली में 16 जुलाई को भी कई स्कूलों और कॉलेजों को बम धमकियों का सामना करना पड़ा था। उस दिन विशेष रूप से द्वारका, पश्चिम विहार और हौज खास के पांच स्कूलों को ईमेल के जरिए धमकियां भेजी गई थीं। इन खतरनाक संदेशों ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में भय का माहौल पैदा कर दिया। दिल्ली पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने इस मामले में तुरंत सतर्कता बरतते हुए जांच शुरू कर दी थी।

वीपीएन के जरिए भेजे गए मेल

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमकी भरे मेल भेजने में वीपीएन का इस्तेमाल किया गया। वीपीएन के जरिए मेल भेजने पर भेजने वाले का आईपी एड्रेस किसी भी देश का बन सकता है। स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त अमित कौशिक ने बताया कि फिलहाल वीपीएन को ट्रैक करने का कोई तरीका मौजूद नहीं है। वीपीएन सेवाएं देने वाली कंपनियां भी इस संबंध में कोई जानकारी साझा नहीं करतीं।

वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि गूगल से धमकी वाले मेल की जानकारी मांगी गई, लेकिन उन्होंने जानकारी देने से इंकार कर दिया। गूगल ने केवल इतना बताया कि ये मेल विदेशी आईपी एड्रेस से भेजे गए थे।

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