

Delhi Riots Case: आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने दोषी ठहराए गए तहिर हुसैन और अन्य सभी दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग की है। कोर्ट पहले ही इन आरोपियों को दोषी करार दे चुका है। अब सजा को लेकर सुनवाई हो रही है। पुलिस ने दिल्ली दंगा मामले में सुनवाई के दौरान दलील दी कि अपराधियों ने बेहद क्रूर और जघन्य तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया था जो की इनकी सोची-समझी साजिश थी।
IB अधिकारी अंकित शर्मा के शरीर पर 51 गंभीर चोटों के निशान मिले थे। इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए दिल्ली पुलिस ने अदालत से कहा है कि इस तरह के बर्बर और अक्षम्य अपराध के लिए सभी दोषी केवल मौत की सजा के हकदार हैं।
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में सजा पर बहस करते हुए कहा कि वारदात के समय आरोपी कसाई बन चुके थे। कोर्ट के सामने पुलिस ने इस हत्या को 'ठंडे दिमाग से की गई हत्या' (कोल्ड-ब्लडेड किलिंग) बताया और कहा कि अपराध करते वक्त आरोपी कसाई और जानवर बन गए थे। पुलिस ने दोषियों के लिए मौत की सजा मांगी है।
कोर्ट को पुलिस ने बताया कि अंकित शर्मा की मौत के बाद भी दोशी उन पर हमला करते रहे। पुलिस ने कोर्ट में बताया कि जब उनका शव मिला तो उन्होंने सिर्फ अंडरवियर पहना हुआ था। पुलिस का कहना है कि अपराध इतना बर्बर था कि इसे माफ नहीं किया जा सकता।
अदालत में सजा पर सुनवाई के दौरान पुलिस ने अंकित शर्मा पर की गई अत्यधिक बर्बरता का ब्योरा दिया। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में बताया कि अंकित शर्मा के साथ बहुत अधिक बर्बरता की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सबूतों का हवाला देते हुए पुलिस ने बताया कि उनके शरीर पर 51 चोट के निशान मिले थे। इनमें से 7 चोट के निशान ऐसी जगह थे जो मौत का कारण बनने के लिए काफी थे।