आप सांसद संजय सिंह ने दिल्ली में 'बढ़ते अपराधों' का उठाया मुद्दा, राज्यसभा में कार्य स्थगन का दिया नोटिस

देश की राजधानी दिल्ली में बढ़ते अपराधों के मद्देनजर आप सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा में एक कार्य स्थगन नोटिस पेश किया है। पत्र के जरिए संजय सिंह ने दिल्ली में बिगड़ती कानून व्यवस्था के मुद्दे पर चर्चा करने की अपील की है।
AAP नेता संजय सिंह की बढ़ीं मुश्किलें
आप सांसद संजय सिंह (फोटो-ANI)
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नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में सरेआम हत्याएं हो रही हैं। दिल्ली में बढ़ते अपराधों को देखते हुए, आप सांसद संजय सिंह ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्यसभा में इस विषय पर चर्चा हो इस लिए संजय सिंह ने सोमवार को एक कार्य स्थगन नोटिस जारी किया है। इस पत्र में राजधानी में बिगड़ती कानून व्यवस्था, बढ़ते अपराध और जनप्रतिनिधियों को मिल रही धमकियों पर चर्चा के लिए अपील की गई है।

राज्यसभा महासचिव को दिए गए प्रस्ताव में संजय सिंह ने लिखा है कि मैं आपका ध्यान देश की राजधानी में बढ़ते अपराधों की ओर आकर्षित करना चाहता हूं। प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, राजदूत और दोनों सदनों के सांसद सभी दिल्ली में रहते हैं। प्रशांत विहार में बम धमाके की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि रोहिणी के एक स्कूल को धमकी भरा मेल मिला। इसी बीच शालीमार बाग में एक मासूम बच्चे की निर्मम हत्या हुई। पिछले हफ्ते राजधानी के 44 स्कूलों में बम धमाके की धमकियां मिलीं, जिससे दिल्ली की साख पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। इससे पहले शाहदरा में एक कारोबारी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई, जो अपराधियों के बढ़ते मनोबल का संकेत है।

संजय सिंह ने आगे दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर कथित हमले का जिक्र करते हुए कहा कि 30 नवंबर 2024 को पदयात्रा के दौरान दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर कथित हमले ने न केवल राजनीतिक तनाव बढ़ाया, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा की कमियों को भी उजागर किया। देश की राजधानी में ऐसी घटनाएं तब हो रही हैं जब संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है, जो दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। संजय सिंह ने नियम 267 के तहत इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा करने का अनुरोध किया।

दरअसल, सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के 40 से अधिक स्कूलों को ई-मेल के जरिए बम की धमकी मिली और 30,000 अमेरिकी डॉलर की फिरौती मांगी गई। आप नेता ने किसानों के विरोध और उनकी मांगों के मुद्दे पर चर्चा के लिए शून्यकाल का नोटिस भी दिया। गौरतलब है कि संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों- लोकसभा और राज्यसभा को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया था, जो वर्तमान में अपने कामकाज के तीसरे सप्ताह में है। विपक्षी दलों द्वारा राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग के साथ कार्यवाही में व्यवधान के बाद स्थगन हुआ।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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