22 घंटे चली नोटों की गिनती, UP में ड्रग माफिया के घर पुलिस का शिकंजा; इतिहास की सबसे बड़ी बरामदगी

Uttar Pradesh पुलिस के द्वारा प्रतापगढ़ में ड्रग्स केस से जुड़ी एक बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने जेल में बंद माफिया राजेश मिश्रा के ठिकाने पर छापा मारकर करोड़ों की बरामदगी की। मामले में 5 लोगों को गया।
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प्रतापगढ़ में ड्रग माफिया के घर पर UP पुलिस की बड़ी कार्रवाई (फोटो- सोशल मीडिया)
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UP Police Action in Pratapgarh Drug Mafia: उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास में ड्रग्स केस से जुड़ी यह अब तक की सबसे बड़ी कैश बरामदगी बताई जा रही है। प्रतापगढ़ की मानिकपुर थाना पुलिस ने जेल में बंद एक ड्रग माफिया के ठिकाने पर छापा मारकर 2.01 करोड़ रुपये नकद बरामद किए। रकम इतनी ज्यादा थी कि इसे गिनने में ही पुलिस को पूरे 22 घंटे लग गए। यह पूरा गिरोह जेल में बंद माफिया के द्वारा दिए जा रहे निर्देशो के आधार पर परिवार ही चला रहा था, जो जेल से मिले आदेशों पर काम करता था।

इस बड़ी कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने किया, जो पहले प्रयागराज में अतीक अहमद और अशरफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर चुके हैं। उनके निर्देशन में पुलिस ने जेल में बंद तस्कर राजेश मिश्रा के मुन्दीपुर गांव स्थित घर पर छापा मारा गया। पुलिस जब पहुंची तो आरोपियों ने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। जब दरवाजा खोला गया तो वे नशे का माल छिपाने की कोशिश कर रहे थे।

जेल से पत्नी चला रही थी नेटवर्क

पुलिस ने इस मामले में गिरोह की मुखिया राजेश मिश्रा की पत्नी रीना मिश्रा, बेटे विनायक मिश्रा, बेटी कोमल मिश्रा, रिश्तेदार अजीत कुमार मिश्रा और यश मिश्रा को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ कि राजेश जेल से ही फोन या मुलाकात के जरिए निर्देश देता था और उसकी पत्नी रीना पूरे नेटवर्क का संचालन करती थी। यह गिरोह लंबे समय से गांजा और स्मैक की तस्करी में सक्रिय था और अवैध कमाई से करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर चुका था। वहीं कहा यह पुलिस इतिहास में ड्रग केस से जुड़ी अब तक की सबसे बड़ी कैश की रिकवरी है।

3 करोड़ की बरामदगी और फर्जी जमानत

तलाशी में पुलिस को 2 करोड़ 1 लाख 55 हजार 345 रुपये कैश के अलावा 6.075 किलो गांजा और 577 ग्राम स्मैक (हेरोइन) भी मिली। गांजे की कीमत 3 लाख से ज्यादा और स्मैक की कीमत 1 करोड़ 15 लाख रुपये आंकी गई है। इस तरह कुल बरामदगी करीब 3 करोड़ रुपये की है। जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ कि रीना और विनायक ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर राजेश मिश्रा की जमानत भी करा ली थी। इस मामले में भी धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। इससे पहले भी इस गिरोह की 3 करोड़ 6 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क हो चुकी है।

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