साइबर ठगों के जाल में फंसी BJP सांसद की पत्नी, डिजिटल अरेस्ट कर 14 लाख रुपये ऐंठे

BJP MP डॉ. के. सुधाकर की पत्नी डॉ. प्रीति सुधाकर एक साइबर ठगी का शिकार हो गईं। साइबर ठगों ने खुद को मुंबई साइबर विभाग का अफसर बताकर उनसे 14 लाख रुपये की मोटी रकम ऐंठ ली।
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साइबर ठगों के जाल में फंसी BJP सांसद की पत्नी (फोटो- सोशल मीडिया)
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Karnataka BJP MP Wife Digital Arrest: साइबर अपराध की दुनिया में 'डिजिटल अरेस्ट' नाम का एक नया और खतरनाक तरीका बड़ी ही तेजी से सामने आया है, जिसका शिकार छोटे से लेकर कई बडे़ तक हो चुकें हैं। अब एक हाई-प्रोफाइल हस्ती फिर हुई हैं। कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर से बीजेपी सांसद डॉ. के. सुधाकर की पत्नी डॉ. प्रीति सुधाकर के साथ 14 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी हुई है। जालसाजों ने खुद को मुंबई साइबर विभाग का अधिकारी बताकर उन्हें घंटों तक डराया और एक झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर उनसे यह रकम ऐंठ ली। यह घटना दिखाती है कि साइबर अपराधी लगातार कितने शातिर होते जा रहे हैं।

डॉ. प्रीति सुधाकर को साइबर ठगों ने फोन कर यह यकीन दिलाया कि वे मुंबई साइबर विभाग से बोल रहे हैं। उन्होंने डॉ. प्रीति को डराते हुए कहा कि उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल विदेशों में अवैध लेनदेन के लिए किया गया है और उनके खिलाफ एक गंभीर मामला दर्ज हो चुका है। जालसाजों ने उन्हें कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर मानसिक रूप से इतना परेशान कर दिया कि वह उनकी बातों में आ गईं और उनके बताए गए खाते में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर हो गईं।

वीडियो कॉल पर दी धमकी, पैसे लेकर हुए गायब

जालसाजों ने डॉ. प्रीति को अपने जाल में फंसाने के लिए वीडियो कॉल का सहारा लिया। उन्होंने वीडियो कॉल पर उन्हें धमकाया और फर्जी कानूनी दस्तावेज दिखाकर यह साबित करने की कोशिश की कि वह एक बड़े अपराध में फंस चुकी हैं। ठगों ने वादा किया कि RBI के नियमों के अनुसार, जांच पूरी होने के 45 मिनट के भीतर उनके 14 लाख रुपये वापस कर दिए जाएंगे। लेकिन जैसे ही डॉ. प्रीति ने पैसे ट्रांसफर किए, ठगों ने अपना फोन बंद कर लिया और गायब हो गए।

पुलिस की तेजी से बची पूरी रकम

धोखाधड़ी का एहसास होते ही डॉ. प्रीति सुधाकर ने तुरंत इसकी शिकायत साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और तेजी से कार्रवाई करते हुए उस बैंक अकाउंट को फ्रीज कर दिया, जिसमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की वजह से पूरी रकम बच गई। पुलिस ने कोर्ट से आदेश प्राप्त कर यह सुनिश्चित किया है कि ठगी गई 14 लाख रुपये की पूरी राशि एक हफ्ते के भीतर डॉ. प्रीति को वापस मिल जाएगी। फिलहाल, पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है, लेकिन अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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