बिहार में हैवानियत की हदें पार! सनकी चाचा ने कटर से रेत दिया 3 मासूमों का गला, चीखें दबाने के लिए बजाया स्पीकर

Bihar Crime News: बिहार के औरंगाबाद में दिल दहला देने वाली वारदात! सनकी चाचा ने कटर से काटकर तीन मासूम भतीजे-भतीजियों की हत्या की। शोर छिपाने के लिए बजाया तेज म्यूजिक।
Horror in Bihar: Psycho Uncle Uses Cutter to Kill 3 Minor Nephews; Plays Loud Music to Drown Screams.
घटना के बाद घर पर पस,रा मातम (Image- Social Media)
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Aurangabad Crime News: बिहार के औरंगाबाद से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक सनकी चाचा ने अपने ही तीन मासूम भतीजे-भतीजियों को कटर से काटकर मौत के घाट उतार दिया। हत्या की इस क्रूरता ने पूरे इलाके को दहला दिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि मासूमों की चीखें बाहर न जाएं, इसके लिए आरोपी ने हत्या के वक्त तेज आवाज में गाना बजा दिया और एक-एक कर तीनों बच्चों का गला रेत दिया।

यह हृदयविदारक घटना औरंगाबाद के हसपुरा थाना क्षेत्र की है। मृतकों की पहचान 10 वर्षीय अनीश कुमार, 7 वर्षीय आयुष कुमार और 5 वर्षीय अनुष्का कुमारी के रूप में हुई है। ये तीनों सगे भाई-बहन थे और आरोपी अमंत पाल के बड़े भाई गुड्डू पाल के बच्चे थे।

क्या थी हत्या की वजह?

शुरुआती जानकारी के अनुसार, विवाद की वजह बेहद मामूली बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी शुक्रवार सुबह कहीं बाहर गया था। जब वह लौटा और दरवाजा खटखटाया, तो उसकी भाभी बाथरूम में होने के कारण तुरंत गेट नहीं खोल सकीं। महज कुछ मिनटों की देरी से आरोपी इस कदर भड़क गया कि उसने घर के अंदर घुसते ही खौफनाक कदम उठा लिया। कमरे में दाखिल होकर उसने सबसे पहले फुल साउंड में स्पीकर बजाया ताकि बच्चों का शोर सुनाई न दे, फिर कटर मशीन से तीनों मासूमों की बेरहमी से हत्या कर दी।

खुदकुशी की कोशिश

तीनों बच्चों की जान लेने के बाद आरोपी चाचा ने उसी कटर से अपना भी गला काटकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। जब घर के लोग कमरे में पहुंचे, तो वहां का नजारा भयावह था। चारों तरफ खून बिखरा हुआ था और तीनों बच्चों के शव एक साथ पड़े थे। आरोपी अमंत पाल अभी जीवित है, लेकिन उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया है।

बच्चों के पिता गुड्डू पाल फिलहाल बाहर काम करते हैं। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। हालांकि शुरुआती कारण दरवाजा खोलने में देरी बताया जा रहा है, लेकिन बिहार पुलिस अन्य संभावित पहलुओं और आरोपी की मानसिक स्थिति की भी पड़ताल कर रही है।

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