

बीजेपी प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दौरे को लेकर सियासी बयानबाजी तेज।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने उठाए सवाल।
क्या महंगाई से मिलेगी राहत: दीपक बैज।
प्रदेश प्रभारी बनने के बाद स्मृति ईरानी का पहला दौरा।
BJP Leader Smriti Irani Chhattisgarh Visit: छत्तीसगढ़ में बीजेपी की नई प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दौरे को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने स्मृति ईरानी के दौरे पर तंज कसते हुए बीजेपी के अंदर चल रही गुटबाजी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। बैज ने पूछा कि क्या स्मृति ईरानी प्रदेश बीजेपी में जारी आपसी खींचतान को खत्म कर पाएंगी? इतना ही नहीं, उन्होंने महंगाई और प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए बीजेपी को उसके पुराने वादों की याद भी दिलाई।
बैज ने शक्कर की कीमत 13 रुपये प्रति किलो और गैस सिलेंडर 400 रुपये में मिलने के वादे का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या अब जनता को इन कीमतों पर राहत मिलेगी? उन्होंने स्मृति ईरानी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की करीबी और बीजेपी की बड़ी नेता बताते हुए इन वादों को पूरा करने की उम्मीद जताई।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में स्मृति ईरानी के दौरे के बीच कांग्रेस ने बीजेपी को घेरने का मौका तलाश लिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदेश प्रभारी के दौरे पर सवाल उठाते हुए सीधे बीजेपी के संगठनात्मक हालात पर निशाना साधा। बैज ने पूछा कि क्या स्मृति ईरानी प्रदेश बीजेपी के भीतर चल रही गुटबाजी को कम कर पाएंगी? उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रदेश में बीजेपी संगठन और सरकार की राजनीतिक गतिविधियों पर विपक्ष लगातार नजर बनाए हुए है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार में डूबे होने का आरोप भी लगाया। इसके साथ ही उन्होंने महंगाई के मुद्दे पर बीजेपी को घेरते हुए पुराने चुनावी वादों की याद दिलाई। बैज ने सवाल किया कि क्या अब शक्कर 13 रुपये किलो और गैस सिलेंडर 400 रुपये में मिलेगा? दीपक बैज ने स्मृति ईरानी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खास और बड़ी नेता बताते हुए तंज कसा कि अगर उनके दौरे से बीजेपी के भीतर की गुटबाजी खत्म होती है और जनता को महंगाई से राहत मिलती है, तो यह देखना अहम होगा।
फिलहाल कांग्रेस के इन सवालों ने स्मृति ईरानी के दौरे के राजनीतिक मायने को लेकर चर्चा तेज कर दी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि बीजेपी इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और प्रदेश प्रभारी का दौरा संगठन के साथ-साथ सियासी समीकरणों पर कितना असर डालता है।