झीरम कांड में नया मोड़: राहुल गांधी ने मांगी सुरक्षा रिपोर्ट, कांग्रेस लड़ेगी कानूनी लड़ाई

Jhiram Ghati Attack News : राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेताओं की बैठक में झीरम घाटी मामले की सुरक्षा रिपोर्ट मांगी है। अब कांग्रेस हाईकमान इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहा है।
Meeting between Rahul Gandhi and Chhattisgarh Congress leaders regarding the Jhiram Valley case
कांग्रेस नेताओं की बैठकसोर्सः सोशल मीडिया
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jhiram valley attack security report : झीरम घाटी में साल 2013 में बड़ा नक्सली हमला हुआ था। इस हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शहीद हुए थे। हाल ही में एनआईए की अदालत ने 10 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। इस फैसले से पीड़ित परिवार और कांग्रेस नेता संतुष्ट नहीं हैं। अब राहुल गांधी ने इस पूरे मामले की कानूनी समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।

राहुल गांधी की बड़ी बैठक

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की। यह बैठक 10 जनपथ पर लगभग 45 मिनट तक चली। बैठक में झीरम मामले पर आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।

राहुल गांधी ने परिवर्तन यात्रा के दौरान मिली सुरक्षा की जानकारी मांगी है। उन्होंने पूछा कि यात्रा के समय कहां और कितनी सुरक्षा दी गई थी। सुरक्षा व्यवस्था की पूरी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

कानूनी सलाह की तैयारी

बैठक में आगे की कानूनी कार्रवाई पर भी बात हुई। कांग्रेस अब देश के वरिष्ठ वकीलों से सलाह लेने जा रही है। कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी जैसे वरिष्ठ वकीलों से राय ली जा सकती है।

विवेक तन्खा से भी कानूनी मदद लेने की चर्चा हुई है। वकीलों की सलाह के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर पुलिस हिरासत जैसी कार्रवाई पर भी विचार होगा।

एनआईए जांच पर सवाल

पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने बैठक में कई अहम तथ्य रखे। उन्होंने बताया कि सजा पाने वाले 10 लोग मामूली ग्रामीण हैं। ये लोग खाना बनाने या गड्ढे खोदने का काम करते थे।

मुख्य साजिशकर्ताओं के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्हें सिर्फ फरार घोषित कर दिया गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने साजिश के पहलू की सही जांच नहीं की।

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हाईकमान लड़ेगा लड़ाई

शहीद महेंद्र कर्मा के बेटे छविंद्र कर्मा ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि एनआईए के फैसले से वे संतुष्ट नहीं हैं। यह सिर्फ एक नक्सली घटना नहीं थी।

इसके पीछे गहरी राजनीतिक साजिश भी शामिल थी। सरेंडर कर चुके कई बड़े नक्सलियों के नाम इसमें शामिल थे। लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब इस लड़ाई को पार्टी हाईकमान खुद लड़ेगा।

क्या था झीरम घाटी हमला

25 मई 2013 को बस्तर की झीरम घाटी में हमला हुआ था। नक्सलियों ने कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर हमला किया था। इस हमले में कुल 29 लोगों की जान गई थी।

मृतकों में नंदकुमार पटेल और महेंद्र कर्मा जैसे बड़े नेता शामिल थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल भी इस हमले में मारे गए थे।

13 साल की सुनवाई के बाद विशेष अदालत ने फैसला सुनाया। 10 दोषियों को मौत की सजा दी गई है। अब यह मामला पुष्टि के लिए उच्च न्यायालय भेजा गया है।

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