

भारत की तीन नई साइट्स यूनेस्को संभावित सूची में शामिल।
इसमें छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक सिरपुर भी शामिल है।
अंडमान के दो प्रमुख प्राकृतिक स्थल भी सूची में हैं।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के प्रयासों की सराहना की गई।
यह कदम विश्व धरोहर का दर्जा मिलने की पहली सीढ़ी है।
Sirpur UNESCO Tentative List Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक स्थल सिरपुर अब एक नए अंतरराष्ट्रीय मोड़ पर है। पेरिस स्थित यूनेस्को (UNESCO) में भारत के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को बड़ी घोषणा की। भारत की तीन नई जगहों को विश्व धरोहर की संभावित सूची में जोड़ा गया है। इसमें छत्तीसगढ़ का सिरपुर सांस्कृतिक और पुरातात्विक परिदृश्य शामिल है।
इसके अलावा अंडमान और निकोबार के दो स्थल भी शामिल हैं। इनमें 'बाराटांग का कार्स्ट-मड-ज्वालामुखी कॉम्प्लेक्स' प्रमुख है। दूसरा स्थल 'अंडमान सबडक्शन ज्वालामुखी' है। पेरिस से 20 अक्टूबर को प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई थी।
विश्व धरोहर बनने के लिए संभावित सूची में आना जरूरी शर्त है। प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के काम की तारीफ की। एएसआई के लगातार प्रयासों से ही यह उपलब्धि हासिल हुई है।
भविष्य में इन स्थलों को मुख्य धरोहर का दर्जा मिल सकता है। यह छत्तीसगढ़ के पर्यटन के लिए बहुत बड़ा कदम है। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन इसके लिए लगातार प्रयासरत थे।
भारत में फिलहाल 45 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल मौजूद हैं। इनमें 37 सांस्कृतिक और 7 प्राकृतिक स्थल शामिल हैं। इसके अलावा 1 मिश्रित स्थल भी सूची में दर्ज है। जुलाई 2026 में सारनाथ को इस मुख्य सूची में जोड़ा गया था।
दुनिया में सबसे ज्यादा धरोहर के मामले में भारत छठे स्थान पर है। एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत दूसरे स्थान पर बना हुआ है। इटली में सबसे ज्यादा 62 धरोहर स्थल मौजूद हैं। चीन में 61 और फ्रांस में 56 विश्व धरोहर स्थल हैं।
भारत के पहले चार स्थल 1983 में शामिल किए गए थे। इनमें अजंता और एलोरा की गुफाएं शामिल थीं। इसके अलावा आगरा का किला और ताजमहल भी इस सूची में थे।