

दुर्ग शहर के बड़े बिल्डर अजय चौहान के भाई संजय चौहान को गिरफ्तार किया गया है।
आरोपी पर चौहान प्लाजा की दो दुकानों के सौदे में 28 लाख की धोखाधड़ी का आरोप है।
उसने अपने भाई के नाम का फर्जी लेटरपैड और एनओसी इस्तेमाल किया था।
सुपेला पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धाराओं के तहत कार्रवाई की है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी संजय चौहान को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
Durg Fake NOC Document Fraud Case : शहर के बड़े बिल्डर अजय चौहान के भाई संजय चौहान को 28 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में सुपेला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि संजय चौहान ने अपने भाई अजय चौहान के नाम से फर्जी लेटरपैड तैयार कर अनापत्ति प्रमाण पत्र पर कूटरचित हस्ताक्षर किए और चौहान प्लाजा स्थित दो दुकानों का सौदा कर दिया। इस मामले में प्रार्थी साजिद खान से नगद और बैंक के माध्यम से कुल 28 लाख रुपये लेने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, संजय चौहान ने चौहान प्लाजा की दुकान क्रमांक 110 और 111 की बिक्री के लिए अपने भाई अजय चौहान के नाम से फर्जी लेटरपैड तैयार किया। आरोप है कि अनापत्ति प्रमाण पत्र पर कूटरचित हस्ताक्षर कर दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया और 23 अक्टूबर 2019 को दोनों दुकानों का सौदा साजिद खान के साथ किया गया। इसके एवज में आरोपी ने अलग-अलग किश्तों में नगद और बैंक के जरिए 28 लाख रुपये प्राप्त किए।
मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया है कि संबंधित दुकानों के क्रय-विक्रय पर 8 मार्च 2001 को बिलासपुर उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगाए जाने संबंधी जानकारी अभिलेखों में दर्ज थी।
पुलिस के अनुसार, दुकानों के विक्रय के लिए अजय चौहान का अनापत्ति प्रमाण पत्र आवश्यक था। शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच में फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोप सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
सुपेला पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 420 और 468 में प्रकरण दर्ज किया। जांच के आधार पर संजय चौहान को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।