जूनियर वकीलों को हर महीने मिलेगी आर्थिक मदद? बिलासपुर हाईकोर्ट ने बार काउंसिल से मांगी गाइडलाइन

Bilaspur High Court: चीफ जस्टिस केआर महापात्र की डिवीजन बेंच में हुई सुनवाई के दौरान बार काउंसिल ने गाइडलाइन तैयार करने के लिए एक महीने का समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
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बिलासपुर हाईकोर्ट (सोर्स- सोशल मीडिया
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Highlights

  • हाईकोर्ट ने स्टेट बार काउंसिल को गाइडलाइन तैयार करने के दिए निर्देश।

  • मामले की अगली सुनवाई 8 दिसंबर को होगी।

  • चीफ जस्टिस केआर महापात्र की डिवीजन बेंच में हुई मामले की सुनवाई।

  • 30 सितंबर को हुई कैबिनेट बैठक में नहीं हुई चर्चा।

Bilaspur High Court Guidelines for State Bar Councils: छत्तीसगढ़ में नए नामांकित वकीलों को मासिक आर्थिक सहायता देने के मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने स्टेट बार काउंसिल को गाइडलाइन तैयार करने का निर्देश दिया है। बुधवार को चीफ जस्टिस केआर महापात्र की डिवीजन बेंच में हुई सुनवाई के दौरान बार काउंसिल ने गाइडलाइन तैयार करने के लिए एक महीने का समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। मामले की अगली सुनवाई 8 दिसंबर 2026 को होगी।

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कैबिनेट में भी उठ चुका है आर्थिक सहायता का मुद्दा

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने कोर्ट को बताया कि नए नामांकित वकीलों को वित्तीय सहायता देने के मुद्दे पर 30 सितंबर को हुई कैबिनेट बैठक में चर्चा नहीं हो सकी थी। इस विषय पर 27 अक्टूबर को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में विचार किए जाने की संभावना जताई गई थी।

बार काउंसिल ने मांगा एक महीने का समय

हाईकोर्ट ने पक्षकारों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि नए वकीलों को आर्थिक सहायता देने के लिए स्टेट बार काउंसिल की ओर से अब तक मसौदा गाइडलाइन तैयार नहीं की गई है। इस पर बार काउंसिल के अधिवक्ता पलाश तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार से फंड जारी होने की स्थिति में वित्तीय सहायता के लिए ड्राफ्ट गाइडलाइन पेश कर दी जाएगी।

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सहायता राशि के इस्तेमाल पर भी उठे सवाल

जनहित याचिका दायर करने वाले सिद्धांत दास सुनवाई के दौरान स्वयं उपस्थित हुए। उन्होंने नए वकीलों के हित में जारी होने वाली राशि के उचित उपयोग और उसकी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए ठोस सुझाव देने का अवसर मांगा। इस उद्देश्य से उन्होंने सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध भी किया। हाईकोर्ट ने राज्य के विधि एवं विधायी कार्य विभाग के प्रमुख सचिव की ओर से 24 अक्टूबर 2026 को पेश शपथपत्र को रिकॉर्ड पर लिया।

अब इन मुद्दों पर टिकी नजर

मामले में अब राज्य सरकार की ओर से फंड जारी करने, नए वकीलों को आर्थिक सहायता देने के लिए गाइडलाइन तैयार करने और राशि के उपयोग की निगरानी जैसे मुद्दे अहम होंगे। अगली सुनवाई 8 दिसंबर 2026 को होगी। सुनवाई में याचिकाकर्ता सिद्धांत दास, राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर, छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल की ओर से अधिवक्ता पलाश तिवारी और बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से अधिवक्ता यश त्रिपाठी उपस्थित रहे।

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