

Bangladesh Deportation Case 23 People Released : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में पकड़े गए 23 लोगों को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। रायपुर के होल्डिंग सेंटर में रखे गए सभी 23 लोगों को दस्तावेजों के सत्यापन के बाद रिहा कर दिया गया है। इनमें आखिरी चार लोगों को 7 अक्टूबर को छोड़ा गया। इससे पहले 17 सितंबर को 19 लोगों को रिहाई मिल चुकी थी। हालांकि, इसी मामले में पहले पकड़े गए अतीक हुसैन और हृदय शर्मा को बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया अभी जारी है।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने शुरुआती जांच और दस्तावेजों को लेकर संदेह के आधार पर 4 सितंबर को बिलासपुर के सिरगिट्टी क्षेत्र से 23 लोगों को पकड़ा था। इसके बाद सभी को रायपुर स्थित होल्डिंग सेंटर भेज दिया गया। उनकी पहचान और दस्तावेजों की पुष्टि के लिए पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के कलेक्टर से पत्राचार किया गया था। डीएम की ओर से नियुक्त एडीएम ने मामले की जांच कर रिपोर्ट भेजी। रिपोर्ट मिलने के बाद पहले 19 लोगों को 17 सितंबर को रिहा किया गया। वहीं, शेष चार लोगों के दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने पर 7 अक्टूबर को उन्हें भी छोड़ दिया गया।
बताया जा रहा है कि संबंधित लोगों ने पुलिस के सामने अपने दस्तावेज पेश किए थे। इसके बावजूद उनकी नागरिकता दस्तावेजों को लेकर जांच की गई। बांग्लादेश भेजे जाने की आशंका के बीच उन्होंने ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया और निर्धारित प्रक्रिया के तहत सभी 23 लोगों को रिहा कर दिया गया। हालांकि, ट्रिब्यूनल में उनकी अपील अभी विचाराधीन बताई जा रही है।
मामले में अतीक हुसैन और हृदय शर्मा को लेकर कार्रवाई अभी पूरी नहीं हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अतीक हुसैन लंबे समय से बिलासपुर के सिरगिट्टी क्षेत्र में रहकर एनटीपीसी में काम कर रहा था। संदिग्धों की धरपकड़ के दौरान उसके सरकंडा क्षेत्र में किराए के मकान में रहने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद निरीक्षक संजय शिंदे की टीम ने उसे गिरफ्तार कर रायपुर के होल्डिंग सेंटर भेजा था। अब दोनों को बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। फिलहाल, इस पूरे मामले में 23 लोगों को दस्तावेजों के सत्यापन के बाद रिहा किया जा चुका है, जबकि दो लोगों के निर्वासन की कार्रवाई जारी है।