

भूपेश बघेल ने साय सरकार पर तीखा हमला बोला।
डिप्टी सीएम के स्कूटी से गिरकर घायल होने की घटना का किया जिक्र।
बघेल ने सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर भी खड़े किए सवाल।
पुलिस और PWD भर्ती में भी कथित अनियमितताओं का आरोप।
Former CM Bhupesh Baghel Statement: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिलासपुर दौरे के दौरान प्रदेश की साय सरकार पर तीखा हमला बोला। महंगाई, बेरोजगारी, बदहाल सड़कें, बिजली कटौती और सरकारी भर्तियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर उन्होंने सरकार को घेरा। बघेल ने दावा किया कि प्रदेश में सत्ता विरोधी माहौल बन रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर आज चुनाव हो जाएं तो सरकार के विधायकों की स्थिति इनोवा में बैठकर जाने जैसी हो जाएगी।
भूपेश बघेल ने प्रदेश की सड़कों की स्थिति पर सवाल उठाते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव के स्कूटी से गिरकर घायल होने की घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सड़कों की हालत ऐसी है कि आम लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली, बस किराया, पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और राशन की बढ़ती कीमतों को लेकर भी उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। पूर्व मुख्यमंत्री ने किसानों की समस्याओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि एग्रीस्टैक और सर्वर संबंधी दिक्कतों के कारण किसानों को परेशानी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से किसानों की फसलों पर संकट मंडरा रहा है।
सरकारी नौकरियों में कथित अनियमितताओं को लेकर बघेल ने CGPSC परीक्षा के उत्तरों और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आ रही हैं, तो सरकार को निष्पक्ष जांच कराने से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने पुलिस भर्ती और PWD भर्ती में भी कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया। कवर्धा में भर्ती परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों के प्रदर्शन का हवाला देते हुए बघेल ने सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि युवाओं को भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्याय मिलना चाहिए।
बिजली कटौती को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। उन्होंने प्रदेश में बिजली उत्पादन और दूसरे राज्यों से बिजली खरीदने के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। बघेल ने सवाल उठाया कि जब किसानों को सिंचाई के लिए बिजली की जरूरत है, तब उन्हें पर्याप्त आपूर्ति क्यों नहीं मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली संकट और महंगाई का असर आम जनता के साथ-साथ किसानों पर भी पड़ रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर सरकार का पक्ष सामने आना बाकी है।
RSS प्रमुख मोहन भागवत के दौरे को लेकर भी बघेल ने सवाल उठाए। उन्होंने बजरंग दल की गतिविधियों का जिक्र करते हुए अपनी आपत्तियां जाहिर कीं। वहीं, मंत्रिमंडल के पुनर्गठन और मंत्रियों की कार्यशैली पर भी तंज कसा।
इसके अलावा, दिल्ली में राहुल गांधी के साथ चुनाव आयोग के खिलाफ हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए बघेल ने SIR प्रक्रिया रद्द करने, बैलेट पेपर से चुनाव कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।
भूपेश बघेल ने ट्रेनों के रद्द होने और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आम जनता और युवा परेशान हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार पर उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का आरोप भी लगाया। अब सवाल यह है कि भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं, बिजली कटौती, किसानों की समस्याओं और महंगाई को लेकर उठाए गए इन सवालों पर प्रदेश सरकार क्या जवाब देती है। साथ ही, अभ्यर्थियों और किसानों को राहत देने के लिए सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर भी सबकी नजर रहेगी।