भूस्खलन से थमी बस्तर की रेल रफ्तार, NMDC की बिक्री में 17.4 प्रतिशत की गिरावट

KK Railway Track Damage: केके रेललाइन पर भूस्खलन का असर अब रेल परिचालन से आगे बढ़कर लौह अयस्क के परिवहन और आपूर्ति पर भी चर्चा का विषय बन गया है। लौह अयस्क बिक्री में 17.4 % की गिरावट हुई है।
KK Railway Track Damage, chhattisgarh news,
केके रेललाइन पर भूस्खलन (सोर्स: नवभारत)
Published on: 
Updated on: 

Highlights

  • केके रेललाइन की बहाली 22 से बढ़ाकर 28 अक्टूबर की गई।

  • सितंबर में छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क की बिक्री सालाना आधार पर 17.4% कम।

  • पहले 22 अक्टूबर तक ट्रेनों की आवाजाही सामान्य होने की उम्मीद थी।

  • केके रेललाइन पर हर दिन करीब 36 मालगाड़ियों की होती है आवाजाही।

Bastar KK Railway Track Damage Update: बस्तर की औद्योगिक लाइफलाइन कही जाने वाली केके रेललाइन पर भूस्खलन का असर अब रेल परिचालन से आगे बढ़कर लौह अयस्क के परिवहन और आपूर्ति पर भी चर्चा का विषय बन गया है। मालिगुड़ा और छतरिपुट के बीच रेलमार्ग क्षतिग्रस्त होने के बाद परिचालन बहाली की समयसीमा लगातार आगे बढ़ रही है। पहले 22 अक्टूबर तक ट्रेनों की आवाजाही सामान्य होने की उम्मीद थी, लेकिन अब इसे 28 अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया है।

लौह अयस्क बिक्री में 17.4 प्रतिशत की गिरावट

इस बीच 35 दिनों में करीब 411 करोड़ रुपये के माल परिवहन का अनुमान सामने आया है। वहीं, NMDC प्लांट की छत्तीसगढ़ इकाई की सितंबर में लौह अयस्क बिक्री में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 17.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, बिक्री में आई पूरी गिरावट को केवल भूस्खलन का परिणाम नहीं माना जा सकता।

केके रेललाइन बस्तर के लौह अयस्क को विशाखापत्तनम सहित अन्य औद्योगिक केंद्रों तक पहुंचाने का प्रमुख मार्ग है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्थानीय और विशाखापत्तनम रूट को मिलाकर इस मार्ग पर प्रतिदिन करीब 36 मालगाड़ियों की आवाजाही होती है। ऐसे में रेलमार्ग पर परिचालन बाधित होने से खनिजों की ढुलाई और आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

KK Railway Track Damage, chhattisgarh news,
भूपेश बघेल पर FIR करो.., बीएसपी प्लांट बेचने के आरोपों पर सांसद लक्ष्मी वर्मा का बड़ा बयान

35 दिन में 411 करोड़ के परिवहन का अनुमान

35 दिनों में 411 करोड़ रुपये के अनुमानित माल परिवहन का औसत निकाला जाए तो यह करीब 11.74 करोड़ रुपये प्रतिदिन बैठता है। यह आंकड़ा केके रेललाइन के औद्योगिक महत्व को दर्शाता है। लेकिन इसे रेलवे के राजस्व का नुकसान या NMDC की वास्तविक आर्थिक क्षति मानना सही नहीं होगा। वास्तविक नुकसान जानने के लिए प्रभावित मालगाड़ियों की संख्या, ढुलाई की मात्रा, वैकल्पिक परिवहन की लागत और आपूर्ति में आई कमी के आंकड़े जरूरी हैं।

KK Railway Track Damage, chhattisgarh news,
दिवाली से पहले छत्तीसगढ़ में बड़ा फेरबदल! जल संसाधन विभाग के 12 अधिकारियों का तबादला, देखिए नाम

NMDC की बिक्री में 4.5 लाख टन की कमी

NMDC के सितंबर 2026 के अनंतिम आंकड़ों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में कंपनी की लौह अयस्क बिक्री 21.3 लाख टन रही, जबकि सितंबर 2025 में यह 25.8 लाख टन थी। इस तरह बिक्री में 4.5 लाख टन यानी करीब 17.4 प्रतिशत की सालाना गिरावट दर्ज की गई।

मरम्मत में देरी से बढ़ा इंतजार

भूस्खलन के बाद रेलपटरी के नीचे की मिट्टी बह जाने से मार्ग प्रभावित हुआ था। क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और सुरक्षित परिचालन बहाल करने का काम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। अब 28 अक्टूबर की नई समयसीमा के साथ यात्रियों और माल परिवहन से जुड़े कारोबारियों की निगाहें रेलमार्ग की बहाली पर टिकी हैं।

बस्तर की अर्थव्यवस्था के लिए यह रेललाइन केवल यातायात का साधन नहीं, बल्कि खनिजों की निकासी और औद्योगिक आपूर्ति की महत्वपूर्ण कड़ी है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि परिचालन सामान्य होने में और देरी हुई तो माल ढुलाई पर कितना अतिरिक्त असर पड़ेगा और NMDC तथा रेलवे को वास्तविक आर्थिक नुकसान कितना होगा? इन दोनों का आधिकारिक नुकसान संबंधी आंकड़ा फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

Navbharat Live
navbharatlive.com