

Bastar Collector Flood Instructions : उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में संभावित भीषण चक्रवाती तूफान और इसके असर से बस्तर में भारी बारिश व बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। खतरे की आशंका वाले गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। ग्रामीणों को नदी-नालों से दूर रहने, जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की समझाइश दी जा रही है। कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशन में संभावित आपदा से निपटने के लिए राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
इंद्रावती, मारकंडेय और नारंगी नदियों के तटीय तथा निचले इलाकों में बसे गांवों को विशेष निगरानी में रखा गया है। जगदलपुर, बकावंड, लोहंडीगुड़ा और बस्तर तहसील के संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासनिक अमला सक्रिय है।
गांवों में मुनादी के जरिए लोगों को संभावित खतरे की जानकारी दी जा रही है, ताकि बारिश या नदी का जलस्तर बढ़ने पर समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा जा सके।
प्रशासन ने मैदानी स्तर पर निगरानी और राहत कार्यों के समन्वय के लिए 13 नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रखने के लिए 18 से अधिक प्राथमिक शाला भवनों, सामाजिक भवनों, मंगल भवनों और धर्मशालाओं को राहत शिविर के रूप में तैयार किया गया है।
इन स्थानों पर नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को भोजन, पेयजल और चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। जिला कार्यालय की नाजिर शाखा के पास 24 घंटे संचालित बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।
26 से 31 अक्टूबर तक अधिकारियों और कर्मचारियों की चार पालियों में ड्यूटी लगाई गई है। नियंत्रण कक्ष केंद्रीय जल आयोग के संपर्क में रहकर इंद्रावती नदी के जलस्तर और बारिश की स्थिति पर नजर रखेगा।
आपात स्थिति में बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और नगर सेना को तैयार रखा गया है। बचाव दलों को मोटर बोट, लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, अंडरवाटर रेस्क्यू सिस्टम, पोर्टेबल फ्लोटिंग पंप और अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। प्रशासन ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और सूचना मिलते ही राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
बाढ़, जलभराव या किसी भी आपात स्थिति में नागरिक जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष के नंबर 07782-223122 पर 24 घंटे संपर्क कर सकते हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, नदियों और निचले इलाकों में अनावश्यक रूप से जाने से बचें तथा मुनादी के जरिए जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि संभावित खतरे की स्थिति में ग्रामीणों को समय रहते सतर्क कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।