UPSC Topper Shakti Dubey Story: यूपीएससी टॉपर शक्ति दुबे ने कहा- जब भी निराश होती, YouTube पर टॉपर्स के इंटरव्यू देखती

यूपीएससी टॉपर शक्ति दुबे ने सफलता के लिए बहुत संघर्ष किया है। उन्होंने बताया कि चार बार असफल होने के बाद भी वह हिम्मत नहीं हारी। जब भी निराश होती टॉपर्स के इंटरव्यू देखती थीं।
यूपीएससी टॉपर शक्ति दुबे की सक्सेस स्टोरी
यूपीएससी टॉपर शक्ति दुबे की सक्सेस स्टोरी
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करिअर डेस्क। UPSC 2024 में टॉप करने वाली शक्ति दुबे ने वाकई न केवल अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर सिविल सर्विस में अपना परचम लहराया है बल्कि ये भी साबित किया है कि यदि आप अपने लक्ष्य पाने की ठान लें तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती है। सिविल सर्विस में चार अटेम्प्ट में असफल होने के बाद आखिरकार पांचवी बार उन्होंने अपनी मंजिल पा ही ली।

प्रयागराज के म्योराबाद में रहने वाली शक्ति दुबे न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे जिले और प्रदेश का भी नाम रोशन किया है। शक्ति के पिता पुलिस डिपार्टमेंट में कार्यरत हैं और मां हाउस वाइफ हैं। शक्ति दुबे के सिविल सर्विस में टॉप करने के बाद उसके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया है।

यूट्यूब पर टॉपर्स के वीडियो और इंटरव्यू ने किया इंसपायर

UPSC टॉपर शक्ति दुबे ने कहा कि अपने सपनों को लेकर काफी कॉन्शस थी। दिनरात मेहनत करती थी, लेकिन कई बार चार अटेम्प्ट में मिली असफलता उन्हें परेशान भी करती थी। लेकिन जब भी वह पुरानी असफलता के बारे में सोचती थी तो वह यूट्यूब पर टॉपर्स के इंटरव्यू देखती थीं और यूपीएससी सेलेक्शन वाले कैंडिडेट के शॉर्ट वीडियो देखा करती थी जिससे उनका मनोबल बढ़ जाता था और दोगुने उत्साह के साथ तैयारी में जुट जाती थी।

सिर्फ 2 नंबर से पिछले साल चूकीं, पर हिम्मत नहीं टूटी

शक्ति ने बताया कि यह उनका पांचवा अटेम्प्ट था और वह लगातार मेहनत कर रही थीं। हालांकि पिछले साल वह 2 नंबर से सफल होने में चूक गई थीं। उन्होंने कहा कि 2 नंबर कम होने के कारण वह सेलेक्ट नहीं हुईं तो उन्हें काफी दुख हुआ लेकिन फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने कहा मैंने ठान लिया की जब तक एक प्रतिशत भी उम्मीद है मैं मेहनत करूंगी और आज नतीजा सामने है। करिअर संबंधी अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें

माता-पिता के सपोर्ट से पाई सक्सेस

यूपीएससी टॉपर्स शक्ति दुबे ने बताया कि मैं कई चार बार असफल हो चुकी थी लेकिन इसके बाद भी माता-पिता ने कभी मेरी हिम्मत नहीं टूटने दी। पापा-मम्मी हमेशा ही मुझे मेहनत करने के लिए सपोर्ट करते थे। उनका विश्वास था कि मैं एक दिन जरूर सफल हो जाऊंगी। अंतिम अटेम्प्ट होने के बाद भी वह कभी एक पल के लिए भी सेकंड ऑप्शन के बारे में बात नहीं करते थे। वह हमेशा कहते थे मेहनत करो जरूर सफल होगी।

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