UP लोक सेवा आयोग ने किया PCS एग्जाम की तारीख का ऐलान, अब इस दिन 2 पालियों में होगी परीक्षा
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस परीक्षा की नई तारीख ऐलान कर दिया है। आयोग द्वारा जारी नोटीफिकेशन के मुतबाबिक अब यह परीक्षा 22 दिसंबर को एक ही दिन दो पालियों में होगी।
- Written By: Saurabh Pal
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग(फोटो- सोशल मीडिया)
लखनऊः उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस परीक्षा की नई तारीख ऐलान कर दिया है। आयोग द्वारा जारी नोटीफिकेशन के मुताबिक अब यह परीक्षा 22 दिसंबर को एक ही दिन दो पालियों में होगी। गौरतलब है कि पहले यह परीक्षा 7-8 दिसंबर को होनी थी, लेकिन छात्रों के भारी विरोध और आंदोलन के चलते लोक सेवा आयोग को पीछे हटना पड़ा, जिसके चलते अब यह परीक्षा 22 दिसंबर को होगी।
22 दिसंबरो को PCS की परीक्षा दो पालियों होगी, जिसमें पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से 11:30 तक और दोपहर 2:30 बजे से 4:30 तक होगी।
यूपीपीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा अब पहले की तरह एक ही दिन में कराई जाएगी। सभी अभ्यर्थी एक ही दिन परीक्षा दे सकेंगे। बता दें कि चार दिनों के आंदोलन के बाद गुरुवार को सरकार ने इस पर सहमति दे दी।
गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लोक सेवा आयोग के सचिव अशोक कुमार ने आंदोलनकारी छात्रों के बीच आकर एक दिन में परीक्षा कराने की घोषणा की। वहीं, आरओ/एआरओ परीक्षा पर फैसले के लिए समिति गठित कर दी गई है।
सम्बंधित ख़बरें
UP बनेगा एविएशन हब! 15 जून से जेवर एयरपोर्ट से शुरू होंगी कमर्शियल उड़ानें, 16 शहरों से सीधे होगी कनेक्टिविटी
अलीगढ़ में अविमुक्तेश्वरानंद ने भरी हुंकार, कहा- जो गौ माता की रक्षा का लेगा संकल्प, उसी को मिलेगा वोट
गाजियाबाद पुलिस की बड़ी कामयाबी, लोनी मर्डर केस का आरोपी गौरव नागर एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार
UP बना भारत का ‘ग्रोथ इंजन’: 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लिए एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट का जाल, जानें पूरा प्लान
इस घोषणा से कई विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी झलकी तो कुछ छात्र आधी-अधूरी मांगों के माने जाने पर नाराजगी जताई। कुछ छात्र अभी भी आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा भी पूर्व की भांति एक ही दिन में कराए जाने को लेकर अड़े हैं। जिस पर सचिव अशोक कुमार ने कहा कि एक दिन की परीक्षा कराने पर विचार के उद्देश्य से ही कमेटी का गठन किया गया है। हालांकि, आरओ/एआरओ परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों और आयोग के बीच गतिरोध बना हुआ है।
वहीं बता दें कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा एक संवैधानिक संस्था है। यह कोई फैसला स्वतंत्र रूप से ले सकती है। छात्रों के आंदोलन के बावजूद भी यूपी लोक सेवा आयोग अपने फैसले पर अड़ा रहा। बाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर छात्रों की मांगे मानी गई हैं। ऐसे में लोक सेवा आयोग पर मुख्यमंत्री के निर्देश पर परीक्षा में हुए बदलावों पर भी सवाल उठना लाजमी है।
