इन स्कूलों में मार्क्स या ग्रेड की जगह मिलता है इमोजी, जानें वजह

इस शैक्षणिक वर्ष से किंडरगार्टन से कक्षा 2 तक के छात्रों के लिए एक " समग्र रिपोर्ट कार्ड " पेश किया गया, जो पारंपरिक लिखित परीक्षाओं की जगह उनकी गतिविधियों के आधार पर बच्चों के मूल्यांकन पर फोकस करता है।
इन स्कूलों में मार्क्स या ग्रेड की जगह मिलता है इमोजी, जानें वजह
इन स्कूलों में मार्क्स या ग्रेड की जगह मिलता है इमोजी, जानें वजह
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नई दिल्ली: कोच्चि के कई CBSE स्कूलों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। बता दें कि इन स्कूलों में बच्चों को मार्क्स या फिर ग्रेड की जगह इमोजी दिए जा रहे हैं। इन इमोजी के माध्यम से बच्चों का रिजल्ट बनाया जा रहा है। ये बदलाव नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 तथा CBSE द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप है।

इस शैक्षणिक वर्ष से किंडरगार्टन से कक्षा 2 तक के छात्रों के लिए एक " समग्र रिपोर्ट कार्ड " पेश किया गया, जो पारंपरिक लिखित परीक्षाओं की जगह उनकी गतिविधियों के आधार पर बच्चों के मूल्यांकन पर फोकस करता है।

स्किल्स डेवलपमेंट पर फोकस

वहीं, कोच्चि के CBSE स्कूल के एक टीचर ने बताया कि आप इस नए तरीके के बाद बच्चों के उत्साह की कल्पना कर सकते हैं। शिक्षक ने कहा कि आप कल्पना करिए कि आपके मार्क्स के बजाय इमोजी है। जिसमें ताली बजाते, स्टार या फिर ट्रॉफी को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि इस के इमोजी का कहीं अधिक असर होगा। साथ ही बच्चों को बेहतर प्रेरणा भी मिलेगी।

उन्होंने आगे कहा कि इन नए सिस्टम का फोकस स्किल्स डेवलपमेंट के अलावा संचार कौशल को भी बेहतर बनाना है। ये नई शिक्षा नीति का हिस्सा है, जिसे लगभग 4 साल पहले 2020 में लाया गया था।

ये नई शिक्षा नीति क्यों है खास

इसके अलावा ये शिक्षा नीति नई प्रणाली संचार, सक्रिय शिक्षण तथा समग्र स्वास्थ्य और कल्याण जैसे कौशल पर जोर देती है। प्रश्न पत्रों पर निर्भर रहने की जगह छात्रों का मूल्यांकन प्रोजेक्ट वर्क, पूछताछ-आधारित कार्यों, क्विज़ तथा ग्रुप एक्टिविटी के माध्यम से किया जा रहा है। इससे बच्चों की भावनात्मक तथा सामाजिक क्षमताओं के साथ-साथ शारीरिक समन्वय का भी विकास हो रहा है।

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