CBSE Board: पश्चिम एशिया में 12वीं के छात्रों के लिए वैकल्पिक मूल्यांकन प्रणाली लागू
Class 12 Result: CBSE ने पश्चिम एशिया के 7 देशों में 12वीं के छात्रों के लिए वैकल्पिक मूल्यांकन प्रणाली शुरू की है। परीक्षा न देने वाले छात्रों का रिजल्ट स्कूल टेस्ट और प्री-बोर्ड के आधार पर बनेगा।
- Written By: प्रिया सिंह
CBSE Board (सोर्स-सोशल मीडिया)
CBSE Alternative Evaluation For West Asia: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने पश्चिम एशिया के देशों में पढ़ रहे कक्षा 12 के छात्रों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने इन क्षेत्रों में परीक्षा आयोजित करने में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए वैकल्पिक मूल्यांकन प्रणाली लागू की है। यह नई व्यवस्था छात्रों के शैक्षणिक वर्ष को बचाने और समय पर परिणाम घोषित करने के उद्देश्य से की गई है। पश्चिम एशिया के लिए CBSE का वैकल्पिक मूल्यांकन छात्रों के लिए एक बहुत ही राहत भरा कदम साबित होने वाला है।
प्रभावित देशों की सूची
यह विशेष मूल्यांकन प्रणाली मुख्य रूप से पश्चिम एशिया के सात प्रमुख देशों में पढ़ने वाले छात्रों पर लागू की जाएगी। इसमें बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई जैसे देश शामिल हैं। इन क्षेत्रों में परीक्षा कराने में आई बाधाओं के कारण ही बोर्ड ने यह विशेष कदम उठाने का फैसला लिया है।
मूल्यांकन का मुख्य आधार
CBSE ने छात्रों के रिजल्ट को तैयार करने के लिए उन्हें अब अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर दिया है। जिन छात्रों ने अपने सभी विषयों की परीक्षाएं पूरी कर ली हैं उनका परिणाम सामान्य तरीके से ही निकाला जाएगा। लेकिन जो छात्र कुछ पेपर नहीं दे सके उनके लिए अब स्कूल आधारित टेस्ट के अंक जोड़े जाएंगे।
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स्कूल आधारित परीक्षाओं की भूमिका
अधूरे पेपर वाले छात्रों के लिए स्कूल द्वारा आयोजित त्रैमासिक और अर्धवार्षिक परीक्षाओं के अंकों को देखा जाएगा। इसके अलावा प्री-बोर्ड परीक्षाओं में छात्र के प्रदर्शन को भी इस मूल्यांकन प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य छात्रों की साल भर की शैक्षणिक प्रगति को निष्पक्ष रूप से आंकना है।
थ्योरी अंकों की गणना का तरीका
जिन विषयों की थ्योरी परीक्षा 70 या 80 अंकों की होती है उनमें से सर्वश्रेष्ठ अंकों का चुनाव किया जाएगा। स्कूल के तीनों मुख्य टेस्ट में से जिस परीक्षा में छात्र के सबसे अधिक अंक होंगे उसे शामिल किया जाएगा। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि छात्र को उनकी साल भर की मेहनत का पूरा लाभ प्राप्त हो सके।
कम अंकों वाली थ्योरी परीक्षा
60, 50 या 30 अंकों वाली थ्योरी विषयों के लिए बोर्ड ने केवल अंतिम प्री-बोर्ड के अंक जोड़ने का निर्देश दिया है। अगर कोई छात्र अंतिम प्री-बोर्ड में शामिल नहीं हो पाया था तो उसके पुराने प्री-बोर्ड के अंक लिए जाएंगे। इससे उन विषयों का परिणाम भी बहुत ही पारदर्शिता के साथ समय पर तैयार किया जा सकेगा।
प्रैक्टिकल और इंटरनल अंक
प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट के अंकों के लिए बोर्ड ने अपनी पुरानी व्यवस्था को ही पूरी तरह बरकरार रखा है। ये अंक पहले की तरह ही छात्र के अंतिम परिणाम में बिना किसी बदलाव के सीधे जोड़ दिए जाएंगे। स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे इन सभी रिकॉर्ड्स को पूरी सावधानी के साथ संकलित करें।
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स्कूलों की बड़ी जिम्मेदारी
इस पूरी वैकल्पिक मूल्यांकन प्रक्रिया में संबंधित स्कूलों की भूमिका सबसे अधिक महत्वपूर्ण और बहुत चुनौतीपूर्ण होने वाली है। स्कूलों को छात्रों के सभी आंतरिक मूल्यांकन और शैक्षणिक डेटा को पूरी पारदर्शिता के साथ बोर्ड को भेजना होगा। CBSE ने इस संबंध में स्कूलों को विशेष दिशा-निर्देश और आदेश भी जारी कर दिए हैं।
छात्रों और अभिभावकों के लिए सलाह
बोर्ड ने छात्रों और उनके अभिभावकों को सलाह दी है कि वे बिल्कुल न घबराएं और स्कूल के संपर्क में रहें। समय-समय पर स्कूल द्वारा दी जाने वाली जानकारियों और रिजल्ट अपडेट पर अपनी नजर बनाए रखना जरूरी है। यह पहल छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने की दिशा में बोर्ड का एक बड़ा प्रयास है।
