CBSE ने मानी पोर्टल में सुरक्षा चूक, छात्रों के दावों के बाद आंसर शीट डेटा सुरक्षा पर उठे सवाल

CBSE Security Breach : CBSE ने अपने सर्विस प्रोवाइडर के OnMark पोर्टल में सुरक्षा संबंधी खामियों की पुष्टि की। दो छात्रों द्वारा आंसर शीट्स और डेटा सुरक्षा को लेकर सवाल उठाने पर बोर्ड ने जवाब दिया।
CBSE has acknowledged security vulnerabilities in the OnMark portal and initiated measures to strengthen the system.
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (फोटो - गूगल इमेज)
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CBSE Cyber Security : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अपने सर्विस प्रोवाइडर के OnMark पोर्टल में सुरक्षा संबंधी खामियों की मौजूदगी स्वीकार कर ली है। यह मामला तब चर्चा में आया जब 12वीं कक्षा के दो छात्रों ने बोर्ड की आंसर शीट्स और डिजिटल डेटा सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।

छात्रों का दावा था कि पोर्टल और क्लाउड स्टोरेज सिस्टम में ऐसी कमजोरियां थीं, जिनके कारण बड़ी संख्या में आंसर शीट्स और अन्य दस्तावेजों तक अनधिकृत पहुंच संभव हो सकती थी। आरोपों के सामने आने के बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लाखों छात्रों के डेटा की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई।

छात्रों ने बोर्ड और डिजिटल डेटा सुरक्षा पर सवाल उठाए

छात्र निसर्ग अधिकारी ने दावा किया कि CBSE के क्लाउड स्टोरेज सिस्टम की कॉन्फिगरेशन में खामियां थीं, जिसके कारण कुछ डेटा बिना पर्याप्त ऑथेंटिकेशन के एक्सेस किया जा सकता था। वहीं दूसरे छात्र सार्थक सिद्धांत ने आंसर शीट्स की स्कैनिंग प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि सार्वजनिक रूप से दिखाई दे रही कुछ कॉपियों में ऐसी निशानियां थीं जो सामान्य स्कैनिंग प्रक्रिया से मेल नहीं खातीं। इन दावों के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई और कई लोगों ने बोर्ड से स्पष्टीकरण मांगा।

CBSE ने X पर पोस्ट कर गलती मानी

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए CBSE ने कहा कि वह अपने सर्विस प्रोवाइडर के पोर्टल में रिपोर्ट की गई कमजोरियों पर लगातार नजर रख रहा है। बोर्ड के अनुसार, विभिन्न सरकारी एजेंसियों और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से सिस्टम को अधिक सुरक्षित बनाने का काम किया जा रहा है।

CBSE ने यह भी बताया कि जिन कमजोरियों की पहचान की गई थी, उन्हें दूर कर दिया गया है और अन्य संभावित जोखिमों की जांच जारी है। बोर्ड ने उन लोगों का आभार भी व्यक्त किया जिन्होंने इन खामियों की जानकारी साझा की। इसी बीच, बोर्ड ने छात्रों की बढ़ती रुचि को देखते हुए री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। साथ ही भविष्य में डिजिलॉकर के माध्यम से आंसर शीट्स उपलब्ध कराने जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।

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