AISHE Report: उच्च शिक्षा में बेटियों ने रचा नया इतिहास, पहली बार लड़कियों का GER पुरुषों से आगे

AISHE Report: AISHE 2023-24 रिपोर्ट के मुताबिक, उच्च शिक्षा में GER पहली बार 30 पहुंचा है। लड़कियों का GER पुरुषों से अधिक रहा, जबकि कुल नामांकन और STEM में उनकी भागीदारी भी बढ़ी है।
aishe report 2023 24 higher education ger girls enrollment india record
सांकेतिक तस्वीर (सोर्स-AI)
Published on
Updated on

AISHE Report On Higher Education Enrollment Trends: देश में उच्च शिक्षा का दायरा लगातार बढ़ रहा है और इसकी सबसे बड़ी झलक केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (AISHE) 2022-23 और 2023-24 की रिपोर्ट में देखने को मिली है। रिपोर्ट बताती है कि अब पहले के मुकाबले अधिक युवा उच्च शिक्षा की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। खास बात यह है कि इस बदलाव की सबसे बड़ी ताकत देश की बेटियां बनकर उभरी हैं। पहली बार उच्च शिक्षा में लड़कियों का ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) लड़कों से अधिक दर्ज किया गया है, जो महिला शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

AISHE देश में उच्च शिक्षा से जुड़े आधिकारिक आंकड़ों का सबसे बड़ा स्रोत है। इसके तहत विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से छात्रों के नामांकन, शिक्षकों, कर्मचारियों, आधारभूत ढांचे और परीक्षा परिणामों से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाती है। वर्ष 2022-23 में 56,180 और 2023-24 में 59,533 उच्च शिक्षण संस्थानों ने इस सर्वे में हिस्सा लिया। दोनों वर्षों में संस्थानों की भागीदारी 90 प्रतिशत से अधिक रही।

11 वर्षों में लगातार बढ़ा GER

रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2014-15 में देश का ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) 23.7 था। यह बढ़कर 2022-23 में 29.5 और 2023-24 में पहली बार 30 तक पहुंच गया। इसका मतलब है कि अब पहले की तुलना में अधिक युवा उच्च शिक्षा के लिए एडमिशन ले रहे हैं।

महिलाओं के मामले में यह प्रगति और भी उल्लेखनीय रही। वर्ष 2014-15 में लड़कियों का GER 22.9 था, जो 2023-24 में बढ़कर 31.2 हो गया। यह पुरुषों के GER से अधिक है, जो इस बात का संकेत है कि उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है।

लगातार सातवें साल महिलाओं की बढ़त कायम

AISHE रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2023-24 में जेंडर पैरिटी इंडेक्स (GPI) 1.08 दर्ज किया गया। इसका अर्थ है कि लगातार सातवें वर्ष उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों की तुलना में अधिक रही। यह बदलाव केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में शिक्षा के प्रति बदलती सोच और महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास को भी दर्शाता है।

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा कुल नामांकन

देश में उच्च शिक्षा में कुल नामांकन भी लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2014-15 में जहां 3.42 करोड़ छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा में नामांकित थे, वहीं यह संख्या 2022-23 में बढ़कर 4.46 करोड़ और 2023-24 में 4.50 करोड़ हो गई। यानी पिछले एक दशक में कुल नामांकन में करीब 31.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

महिला छात्रों की संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2014-15 में 1.57 करोड़ छात्राएं उच्च शिक्षा में पंजीकृत थीं, जबकि 2023-24 में यह संख्या बढ़कर 2.24 करोड़ हो गई। यानी पिछले दस वर्षों में महिला नामांकन में लगभग 42.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

सामाजिक रूप से वंचित वर्गों की भागीदारी भी बढ़ी

रिपोर्ट यह भी बताती है कि अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों की उच्च शिक्षा तक पहुंच पहले से बेहतर हुई है।

SC छात्रों का नामांकन वर्ष 2014-15 के 46.07 लाख से बढ़कर 2023-24 में 69.72 लाख हो गया। वहीं ST छात्रों की संख्या 16.41 लाख से बढ़कर 28.83 लाख पहुंच गई। OBC छात्रों का नामांकन भी 1.13 करोड़ से बढ़कर 1.80 करोड़ हो गया है।

GER के आंकड़े भी इस बदलाव की पुष्टि करते हैं। SC छात्रों का GER 18.9 से बढ़कर 27.8 और ST छात्रों का GER 13.5 से बढ़कर 22.8 पहुंच गया है।

STEM विषयों में भी बढ़ा लड़कियों का रुझान

विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) जैसे विषयों में भी अब लड़कियां तेजी से अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही हैं। इन विषयों में कुल नामांकन 2014-15 के 91.5 लाख से बढ़कर 2023-24 में 1.02 करोड़ हो गया है।

सबसे अहम बात यह है कि STEM में छात्राओं की हिस्सेदारी 38.4 प्रतिशत से बढ़कर 44 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह संकेत देता है कि अब लड़कियां पारंपरिक विषयों के साथ-साथ तकनीकी और वैज्ञानिक क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

उच्च शिक्षा संस्थानों में बढ़ी महिला शिक्षकों की संख्या

उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023-24 में देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में कुल 17.32 लाख शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें 55.1 प्रतिशत पुरुष और 44.9 प्रतिशत महिलाएं हैं।

महिला शिक्षकों की संख्या वर्ष 2014-15 के 5.69 लाख से बढ़कर 2023-24 में 7.78 लाख हो गई है। इससे स्पष्ट है कि शिक्षण क्षेत्र में भी महिलाओं की भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है।

बदलती तस्वीर का संकेत

AISHE 2023-24 की रिपोर्ट केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह देश की बदलती शैक्षणिक तस्वीर को भी सामने लाती है। बढ़ता GER, रिकॉर्ड नामांकन, महिलाओं की मजबूत भागीदारी, सामाजिक रूप से वंचित वर्गों की बेहतर पहुंच और STEM जैसे क्षेत्रों में छात्राओं की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि भारत का उच्च शिक्षा क्षेत्र तोजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में अगर यही रफ्तार बनी रही, तो देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था ज्यादा मजबूत और बेहतर रूप में सामने आ सकती है।

Navbharat Live
navbharatlive.com