कौन हैं रोशनी नादर? जो दुनिया के टॉप-10 अमीरों की लिस्ट में हुईं शामिल; देखें कितनी है नेटवर्थ
हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2025 जारी हो गई है। पहली बार किसी भारतीय महिला का नाम इस लिस्ट में शामिल हुआ है। यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड रोशनी नादर के नाम दर्ज हुआ है और उनकी कुल नेटवर्थ 3.5 लाख करोड़ रुपए है।
- Written By: मनोज आर्या
रोशनी नादर, (फाइल फोटो)
नई दिल्ली: हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2025 जारी हो गई है। पहली बार किसी भारतीय महिला का नाम इस लिस्ट में शामिल हुआ है। अब आप भी सोच रहे हैं कि यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड किस महिला ने बनाया है और उनकी कुल नेटवर्थ कितनी है, तो इसका जवाब है रोशनी नादर। अब वह दुनिया की पांचवी सबसे अमीर महिला बन गई हैं। रोशनी नादर का कुल नेटवर्थ 3.5 लाख करोड़ रुपए है। वह पहली भारतीय महिला हैं जो दुनिया की टॉप 10 अमीरों में शामिल हुई हैं।
रोशनी नादर भारत के सबसे बड़े दानवीर शिव नादर की बेटी हैं। एचसीएल ग्रुप के फाउंडर शिव नादर ने अपनी बेटी को 47% हिस्सेदारी दे दी है जिसके बाद रोशनी कंपनी में सबसे बड़ी शेयर होल्डर बन गई। इसी के साथ रोशनी दुनिया की पांचवी सबसे अमीर महिला बन गई हैं। उनके पिता शिव नादर को दानवीर के रूप में जाना जाता है।
कौन हैं रोशनी नादर?
इससे पहले रोशनी नादर भारत में आईटी फर्म की प्रमुख बनने वाली पहली महिला बनकर भी इतिहास रच दिया था। 1982 में नई दिल्ली में जन्मी रोशनी नादर, एचसीएल टेक्नोलॉजीज के संस्थापक शिव नादर की इकलौती संतान हैं। उन्होंने वसंत वैली स्कूल से पढ़ाई की, फिर स्नातक की डिग्री के लिए नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी गईं। रोशनी ने केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से एमबीए की डिग्री हासिल की। एचसीएल में शामिल होने से पहले उन्होंने कई जगहों पर काम किया। रोशनी ने अपने करियर की शुरूआत पत्रकारिता से की थी। एचसीएल में शामिल होने के एक साल के अंदर ही वो एचसीएल कॉर्पोरेशन की निदेशक और सीईओ बन गई।
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अपने पिता शिव नादर के पद से हटने के बाद, वे एचसीएल टेक्नोलॉजीज की चेयरपर्सन बन गईं। फिलहाल रोशनी एमआईटी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग में डीन की सलाहकार परिषद की सदस्य हैं और केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में एशिया के लिए कार्यकारी बोर्ड में काम करती हैं। वह यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) और द नेचर कंजर्वेंसी (TNC) के बोर्ड में भी सदस्य हैं। वह HDFC एसेट मैनेजमेंट कंपनी के बोर्ड में एक स्वतंत्र निदेशक के रूप में भी काम करती हैं।
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कई बार हो चुकी हैं सम्मानित
रोशनी शिव नादर फाउंडेशन के माध्यम से परोपकार में भाग लेती हैं, जो शिक्षा पर केंद्रित है। वह द हैबिटैट्स ट्रस्ट के साथ भी जुड़ी हुई है, जो संरक्षण प्रयासों के लिए समर्पित है। वह विद्याज्ञान लीडरशिप एकेडमी की अध्यक्ष भी हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों का एक संस्था है। साल 2015 में, उन्हें द वर्ल्ड समिट ऑन इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (WSIE) द्वारा फिलैंथ्रोपिक इनोवेशन के लिए “द वर्ल्ड्स मोस्ट इनोवेटिव पीपल अवार्ड” से सम्मानित किया गया। इसके अलावा साल 2017 में, उन्हें वोग इंडिया फिलैंथ्रोपिस्ट ऑफ द ईयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
