कौन है पार्थ सारथी बिस्वाल, जिसे अनिल अंबानी फ्रॉड केस में ED ने किया गिरफ्तार

Anil Ambani Fraud Case: पार्थ सारथी बिस्वाल BTPL का मैनेजिंग डायरेक्टर है। यह कंपनी 2019 में शुरू की गई थी। जांच में पाया गया कि इस कंपनी का कोई ठोस दफ्तर या वैध कारोबारी रिकॉर्ड नहीं है।
ED Issued Look Out Notice to Anil Ambani
अनिल अंबानी, (फाइल फोटो)
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Anil Ambani Loan Fraud Case: देश के अरबपति कारोबारी और रिलायंस ग्रुप की चेयरमैन अनिल अंबानी से जुड़े 3,000 करोड़ रुपये के वित्तीय धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पहली गिरफ्तरी की है। बिस्वाल ट्रेडलिंक प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर पार्थ सारथी बिस्वाल को जांच एजेंसी ने शुक्रवार को हिरासत में लिया। उन पर सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) को 68.2 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी जमा करने का आरोप है, जो कथित तौर पर रिलायंस पावर की ओर से दी गई थी।

सारथी बिस्वॉल को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तर किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद स्पेशल कोर्ट में उनकी पेशी हुई, जिसके बाद उन्हें बुधवार तक ईडी की हिरासत में भेज दिया गया। सूत्रों के हवाले मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि साल 2019 में स्थापित बिस्वाल ट्रेडलिंक ने फर्जी कागजातों और नकली ईमेल कंफर्मेशन के जरिए फेक बैंक गारंटी जमा की थी। जांच में पाया गया कि ये ईमेल एक नकली डोमेन 's-bi.co.in' से भेजे गए थे, जो भारतीय स्टेट बैंक के ऑफिशियल डोमेन 'sbi.co.in' से काफी मिलता-जुलता है।

पार्थ सारथी बिस्वाल कौन हैं?

पार्थ सारथी बिस्वाल ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित बिस्वाल ट्रेडलिंक प्राइवेट लिमिटेड (BTPL) का मैनेजिंग डायरेक्टर है। यह कंपनी 2019 में शुरू की गई थी। जांच में पाया गया कि इस कंपनी का कोई ठोस दफ्तर या वैध कारोबारी रिकॉर्ड नहीं है। कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस एक रिहायशी पते पर मिला, जहां से कोई जरूरी दस्तावेज नहीं बरामद हुए। ED के मुताबिक, बीटीपीएल के ऑफिस से लीगल रिकॉर्ड जैसे अकाउंट बुक्स और शेयरधारकों की जानकारी गायब मिली है।

ईडी की शिकंजे में कैसे आया बिस्वाल?

केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी को यह मामला दिल्ली पुलिस EOW की नवंबर 2024 में दर्ज की गई FIR के आधार पर मिला। जांच में सामने आया कि BTPL कई बड़ी कंपनियों के लिए फर्जी बैंक गारंटी जारी करती थी और इसके बदले आठ फीसदी तक की कमीशन लेती थी। जांच में पता चला कि रिलायंस पॉवर लिमिटेड की सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस NU BESS लिमिटेड ने SECI (Solar Energy Corporation of India Limited) के लिए जमा किए गए 68.2 करोड़ की बैंक गारंटी BTPL के जरिए ही दी थी। इसके एवज में BTPL को करीब 5.4 करोड़ रुपये मिले।

अनिल अंबानी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी

इससे पहले कल यानी की शुक्रवार को ईडी की मांग पर अनिल अंबानी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी हुआ है। अब वह कोर्ट की इजाजत के बिना भारत से बाहर यात्रा नहीं कर सकेंगे। यह कदम उनकी कंपनी पर धोखाधड़ी के आरोपों और एक संघीय एजेंसी द्वारा जारी समन के बाद उठाया गया है। इससे पहले प्रवर्तन एजेंसी ने कथित बैंक लोन धोखाधड़ी से जुड़े एक धन शोधन मामले में रिलायंस समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी को 5 अगस्त को पूछताछ के लिए तलब किया था। कथित तौर पर करोड़ों रुपये की यह धोखाधड़ी अंबानी की समूह कंपनियों से जुड़ी है।

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