Banking Reforms Budget 2026: बैंकिंग सेक्टर में बड़े बदलाव, वित्त मंत्री ने MSME के लिए भी की अहम घोषणाएं

Union Budget 2026: बजट 2026 में वित्त मंत्री ने बैंकिंग रिफॉर्म और NBFC के लिए नए विजन का ऐलान किया। MSME के लिए 10,000 करोड़ का फंड और बैंकिंग के लिए हाई लेवल कमेटी बनाने की घोषणा की गई है।
Budget 2026: Major Banking Reforms and New Funds for MSMEs Announced
बजट 2026 में बैंकिंग सेक्टर में बड़े बदलाव (सोर्स-सोशल मीडिया)
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FM Nirmala Sitharaman Budget Speech: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में मोदी सरकार का लगातार नौवां बजट पेश करते हुए देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का प्रयास किया है। इस बजट में बैंकिंग क्षेत्र के सुधारों पर विशेष बल दिया गया है ताकि विकसित भारत के सपने को साकार किया जा सके। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में स्पष्ट किया कि बैंकिंग सुधार अब समय की मांग हैं और सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भारतीय बैंकिंग प्रणाली की मजबूत बैलेंसशीट की सराहना करते हुए कई नई योजनाओं की जानकारी साझा की।

बैंकिंग सुधार और नया विजन

वित्त मंत्री ने संसद में घोषणा की कि देश के बैंकिंग सेक्टर में व्यापक सुधार करना अब बेहद आवश्यक हो गया है। विशेष रूप से गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों यानी एनबीएफसी के लिए सरकार एक नए और आधुनिक विजन पर सक्रिय रूप से काम कर रही है। सरकार का मानना है कि इन सुधारों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार होगा और लोगों को वित्तीय सुविधा आसानी से मिल सकेगी। बैंकिंग व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार ने एक 'हाई लेवल कमेटी ऑन बैंकिंग फॉर डेवलप्ड इंडिया' स्थापित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके साथ ही पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और आरईसी जैसी संस्थाओं की रीस्ट्रक्चरिंग की जाएगी ताकि उनकी कार्यक्षमता में सुधार हो सके। म्यूनिसिपल बॉन्ड को बढ़ावा देने के लिए भी 100 करोड़ रुपये की एक नई योजना लाने का प्रस्ताव रखा गया है।

MSME क्षेत्र के लिए बड़े ऐलान

लघु और मध्यम उद्योगों को देश का आर्थिक चैंपियन बनाने के उद्देश्य से बजट में 10,000 करोड़ रुपये के समर्पित एसएमई विकास निधि की शुरुआत की गई है। वित्त मंत्री ने आत्मनिर्भर भारत कोष में भी अतिरिक्त 2000 करोड़ रुपये डालने का ऐलान किया है ताकि छोटे व्यापारियों को मजबूती मिल सके। इन कदमों का उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना और उन्हें पर्याप्त संसाधन प्रदान करना है।

लिक्विडिटी सपोर्ट के लिए ट्रेड्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से MSME के लिए 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि सहायता के तौर पर उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ने तीसरे स्तर के यानी थ्री टायर शहरों में 'कॉरपोरेट मित्रों' का एक विशेष कैडर तैयार करने की योजना भी बनाई है। यह कैडर छोटे उद्योगों को कम लागत पर कानूनी और अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में पेशेवर मदद प्रदान करेगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बाजार सुधार

वित्त मंत्री के अनुसार इन सभी सुधारों का मुख्य केंद्र ग्रामीण इकोनॉमी में बैंकिंग सेवाओं को बेहतर बनाना और उन्हें मुख्यधारा से पूरी तरह जोड़ना है। कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट को विकसित करने के लिए टोटल रिटर्न स्वैप की शुरुआत करने का भी प्रस्ताव दिया गया है जो बाजार में निवेश बढ़ाएगा। सरकार का यह व्यापक दृष्टिकोण आने वाले समय में देश के बैंकिंग और औद्योगिक ढांचे को अधिक पारदर्शी और गतिशील बनाने में मदद करेगा।

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