यूट्यूब चैनल से ₹1,600 करोड़ की डील तक, Unacademy के बनने और बिकने की कहानी; 3 दोस्तों ने कैसा बनाया ब्रांड

Unacademy Acquisition: अनएकेडमी के को-फाउंडर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) गौरव मुंजाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस अधिग्रहण के बारे में आधिकारिक रूप से जानकारी दी।
Unacademy Acquisition 200 Million
Unacademy के बनने और बिकने की कहानी(AI जेनरेटेड इमेज)
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Unacademy Acquisition 200 Million: यूट्यूब के एक साधारण चैनल से शुरू होकर भारतीय एडटेक जगत की दिग्गज कंपनी बनने वाली अनएकेडमी एक नए अध्याय में प्रवेश कर चुकी है। भारत के प्रमुख एडटेक प्लेटफॉर्म्स में से एक अपग्रेड ने अनएकेडमी का अधिग्रहण कर लिया है। करीब 200 मिलियन डॉलर (लगभग 1,600 करोड़ रुपये) की इस डील ने पूरे शिक्षा और स्टार्टअप इंडस्ट्री का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

अनएकेडमी के को-फाउंडर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) गौरव मुंजाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस अधिग्रहण के बारे में आधिकारिक रूप से जानकारी दी।

कैसे शुरू हुआ था अनएकेडमी का सफर?

आज भले ही अनएकेडमी करोड़ों छात्रों की पसंद और एक अरबों डॉलर वाली कंपनी के रूप में जानी जाती हो, लेकिन इसकी शुरुआत किसी बड़े ऑफिस या भारी-भरकम फंड से नहीं हुई थी। साल 2010 में गौरव मुंजाल ने एक यूट्यूब चैनल बनाया था, जिस पर वह शुरुआत में ग्राफिक डिजाइनिंग से जुड़े वीडियो अपलोड करते थे। मुंबई से बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद गौरव ने 'Flatchat' नाम का स्टार्टअप शुरू किया और बाद में एक नौकरी भी की। हालांकि, उनका यूट्यूब चैनल लगातार चलता रहा। समय के साथ इस चैनल पर प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित एजुकेशनल वीडियो डाले जाने लगे।

जब छात्रो का अच्छा रिस्पॉन्स मिलने लगा, तो पढ़ाई के इस डिजिटल तरीके को एक पूर्ण प्लेटफॉर्म में बदलने का विचार आया। आखिरकार 10 दिसंबर 2015 को औपचारिक रूप से अनएकेडमी की स्थापना हुई थी।

सफलता के पीछे तीन दोस्तों का संगम

अनएकेडमी की सफलता के पीछे तीन दोस्तों- गौरव मुंजाल, रोमन सैनी और हिमेश सिंह की दूरदर्शिता और कड़ी मेहनत रही है। तीनों ने अपनी स्थापित पहचान और करियर को पीछे छोड़कर इस प्लेटफॉर्म को खड़ा किया।

  • रोमन सैनी ने छोड़ी IAS नौकरी: रोमन सैनी सिर्फ 16 साल की उम्र में AIIMS की कठिन परीक्षा पास की और दिल्ली AIIMS से MBBS पूरा किया। डॉक्टर के तौर पर काम करने के बाद उन्होंने महज 21 साल की उम्र में UPSC परीक्षा पास की और एक IAS अधिकारी बने। लगभग 1 साल और 8 महीने तक प्रशासनिक सेवा देने के बाद, उन्होंने सिविल सेवा छोड़कर अनएकेडमी से जुड़ने का फैसला किया।

  • गौरव मुंजाल का विजन: संस्थापक गौरव मुंजाल ने अपनी शुरुआती टेक समझ और स्टार्टअप्स के अनुभव के दम पर अनएकेडमी को एक बड़े ब्रांड में बदला।

  • हिमेश सिंह का मजबूत टेक सपोर्ट: तकनीकी मजबूती के बिना किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का टिकना नामुमकिन था। हिमेश सिंह ने Unacademy की टेक टीम की कमान संभाली और इसके डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहद सुगम और मजबूत बनाया।

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अपग्रेड के साथ डील का मतलब

गौरव मुंजाल ने स्वीकार किया कि कंपनी ने अपनी पीक वैल्यूएशन से काफी कम कीमत पर इस डील को पूरा किया है। महीनों तक चली बातचीत के बाद अपग्रेड द्वारा किए गए इस अधिग्रहण से अब दोनों कंपनियों के संसाधन और विशेषज्ञता एक साथ आएंगे। भारतीय एडटेक क्षेत्र में पिछले कुछ समय से चल रहे बदलावों के बीच इस डील को एक नया मोड़ माना जा रहा है।

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