सीएम एमके स्टालिन (सौ. डिजाइन फोटो )
चेन्नई : भारत के दक्षिणी क्षेत्र के तामिलनाडु राज्य के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने मंगलवार को केंद्र सरकार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि वह राज्य सरकार को केंद्र प्रायोजित योजनाओं को लागू करने में सक्षम बनाने के लिए तय समयसीमा के अंदर धनराशि जारी करे।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी को लिखे एक पत्र में मुख्यमंत्री ने धनराशि जल्द जारी करने की डिमांड की। केंद्रीय मंत्री के 31 जनवरी के पत्र का हवाला देते हुए, जिसमें कहा गया था कि मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0, मिशन शक्ति और मिशन वात्सल्य के अंतर्गत 29 जनवरी तक एसएनए खातों में 716.05 करोड़ रुपये खर्च नहीं किए गए थे, उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में सभी कल्याणकारी योजनाओं को कुशलतापूर्वक लागू किया जा रहा है।
केंद्र प्रायोजित योजनाओं में राज्य का योगदान समयबद्ध तरीके से जारी किया जा रहा है, लेकिन अक्सर केंद्र का हिस्सा तिमाही के आखिरी में या उसके बाद की तिमाहियों में ही जारी किया जा रहा है। उन्होंने पत्र में कहा है कि एसएनए अकाउंट में 576.22 करोड़ रुपये की कुल अप्रयुक्त राशि में से 409.17 करोड़ रुपये का बड़ा हिस्सा मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 में है, जिसके लिए 2023-2024 की चौथी तिमाही के लिए राशि 26 मार्च, 2024 को ही जारी की गई थी।
इसी तरह, मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति के संबंध में, चौथी तिमाही की जारी धनराशि का एक बड़ा हिस्सा अप्रैल और मई 2024 के दौरान ही जारी हुआ। उन्होंने कहा है कि वित्त वर्ष के समापन के अंदर इतनी बड़ी राशि का उपयोग करना संभव नहीं है और इसलिए धनराशि को आने वाले वित्त वर्ष 2024-25 में ले जाना होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि इसका व्यापक प्रभाव हर तिमाही में देखा जा सकता है।
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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना यानी पीएमएमवीवाई के बारे में उन्होंने कहा कि कुल बजट राशि 304 करोड़ रुपये थी, जिसमें केंद्र का हिस्सा 184 करोड़ रुपये था, जो 60 प्रतिशत था। राज्य का हिस्सा 120 करोड़ रुपये था। उन्होंने आरोप लगाया कि हालांकि पीएमएमवीवाई दिशानिर्देशों के अनुसार, केंद्रीय हिस्सा जमा होने के बाद राज्य का हिस्सा जमा किया जाना चाहिए, लेकिन पिछले दो सालों से केंद्र द्वारा एक भी किस्त जारी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि आज तक एसएनए में केवल 30.65 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं और एपीआई मुद्दों के कारण यह राशि लाभार्थियों को जमा नहीं की जा सकी है। इसलिए, उन्होंने केंद्र से तय समयसीमा के अंदर धन जारी करने और राज्य सरकार को कल्याणकारी योजनाओं को अधिक कुशलता से लागू करने में सक्षम बनाने का अनुरोध किया।
(एजेंसी इनपुट के साथ)