Stock Market Crash Today: ट्रंप की धमकी से सहमा शेयर बाजार, सेंसेक्स खुलते ही 700 अंक टूटा, निफ्टी भी धड़ाम
Stock Market Crash: शेयर बाजार में हाहाकार! सेंसेक्स 702 अंक लुढ़ककर 73,405 के स्तर पर पहुंचा, वहीं निफ्टी 22,767 पर। डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और वैश्विक तनाव के कारण निवेशकों में बिकवाली का माहौल।
- Written By: अर्पित शुक्ला
शेयर बाजार में भारी गिरावट (सोर्स- सोशल मीडिया)
Stock Market Crash Today: घरेलू शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला थम गया है और अब गिरावट का रुख देखने को मिल रहा है। BSE Sensex करीब 702 अंकों की गिरावट के साथ 73,405 के स्तर पर पहुंच गया है।
वहीं, Nifty 50 भी भारी दबाव में नजर आया और 201 अंकों की गिरावट के साथ 22,767 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। बाजार में इस गिरावट से निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बन गया है और अधिकांश सेक्टर्स(Stock Market) में बिकवाली हावी है।
ट्रंप की चेतावनी से बढ़ा तनाव
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने ईरान को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने कहा कि अगर तय समय तक होर्मुज जलडमरूमध्य जहाजों के लिए नहीं खोला गया, तो ईरान पर बड़ा सैन्य हमला किया जा सकता है। इस बयान से वैश्विक स्तर पर युद्ध की आशंका बढ़ गई है।
सम्बंधित ख़बरें
Share Market Today: हरे निशान के साथ खुले सेंसेक्स और निफ्टी, शुरुआती कारोबार में ऑटो सेक्टर ने पकड़ी रफ्तार
Share Market में गिरावट के बाद लौटी रौनक, सेंसेक्स में 400 से अधिक अंकों की उछला, निफ्टी भी 23,800 के पार
Parle की खुली किस्मत, PM मोदी और मेलोनी एक वीडियो से रॉकेट बना शेयर प्राइस, 5 प्रतिशत तक उछला भाव
Share Market में हाहाकार! रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में मची भयंकर बिकवाली, सेंसेक्स 541 अंक टूटा
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
तनाव बढ़ने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। अमेरिकी कच्चा तेल (WTI) 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जो हाल के समय का उच्च स्तर है। वहीं ब्रेंट क्रूड भी 111 डॉलर के आसपास बना हुआ है।
ईरान ने भी जवाबी चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी हमले की स्थिति में वह पूरे खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा ढांचे को निशाना बना सकता है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन और अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।
महंगाई और ग्लोबल असर
इस तनाव ने महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। तेल की कीमतें बढ़ने से दुनियाभर में लागत बढ़ने का खतरा है। एशियाई बाजारों जैसे टोक्यो, सिंगापुर और जकार्ता—में भी कमजोरी देखी गई है।
यह भी पढ़ें- Air India सीईओ कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से दिया इस्तीफा, कौन बनेगा नया बॉस? रेस में कई दिग्गज
फिलहाल निवेशकों की नजरें तय समयसीमा पर टिकी हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक भू-राजनीतिक स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
