‘तो क्या हुआ? 100 सिर्फ एक नंबर है’, डॉलर के मुकाबले गिरते रुपये पर PM मोदी के आर्थिक सलाहकार का बड़ा बयान
Shamika Ravi On Indian Rupee: इकोनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल की सदस्य ने कहा कि भारत की इकोनॉमी मजबूत ग्रोथ की राह है। पिछले एक दशक में बड़े ग्लोबल झटकों का सामना करने में इसने काफी मजबूती दिखाई है।
- Written By: मनोज आर्या
पीएम मोदी के आर्थिक सलाहकार समिति की सदस्य शमिका रवि, (सोर्स- सोशल मीडिया)
PM Modi Economic Advisor Shamika Ravi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इकोनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल (EAC) की सदस्य शमिका रवि इन दिनों काफी सुर्खियों में हैं। दरअसल, उन्होंने अमेरिकी डॉलर के मुकालबे भारतीय रुपये के 100 तक कमजोर होने की चिंताओं को खारिज कर दिया है। न्यूज एजेंसी एएनआई के एक पॉडकास्ट शमिका ने कहा कि ‘तो क्या? 100 तो बस एक नंबर है।’ उन्होंने आगे कहा कि फोकस किसी खास एक्सचेंज रेट को बचाने पर नहीं, बल्कि ग्लोबल सप्लाई शॉक के बड़े इकोनॉमिक असर को मैनेज करने पर होना चाहिए।
शमिका रवि ने आगे कहा कि आखिर में आप इसमें कूदना नहीं चाहेंगे, वैल्यू को एक खास लेवल पर रखने की कोशिश करेंगे, जिससे महंगाई का दबाव बढ़ेगा, जिसके और भी कई तरह के अजीब असर होंगे। डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी पर बात करते हुए शमिका ने कहा कि आप ऐसे मार्केट में दखल नहीं देना चाहते जो अभी ठीक काम कर रहा है, उन्होंने कहा कि यह तरीका सरकार के फिस्कल डिसिप्लिन और गैर-जरूरी खपत को रोकने पर जोर देने के हिसाब से है।
‘हम बेकार की खपत नहीं चाहते’
शमिका रवि ने आगे कहा कि इसीलिए प्रधानमंत्री और अब सरकार के अलग-अलग हिस्सों से बचत के उपाय और दूसरी तरह की सलाहें आ रही हैं, हम बेकार की खपत नहीं चाहते। उन्होंने माना कि जैसे-जैसे इकोनॉमी इस झटके से स्थिर होगी, कीमतें बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सप्लाई साइड में रुकावट के जवाब में डिमांड को मैनेज करना ही एक सीमित तरीका है। हमारी कीमतें बढ़ेंगी क्योंकि यह डिमांड पर असर डालने का सबसे अच्छा तरीका है क्योंकि यह एक सप्लाई शॉक है। आप बहुत कुछ नहीं कर पाएंगे। भारत ने पहले ही अपने फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।
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‘भारत लगातार हाई-ग्रोथ फेज में है’
जब पूछा गया कि देश कब तक उन रिजर्व पर निर्भर रह सकता है, तो शमिका रवि ने जवाब दिया। जब तक जरूरत होगी। उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि नए इंटरनेशनल एग्रीमेंट समय के साथ रिजर्व को फिर से बनाने में मदद करेंगे। UAE के साथ भारत के समझौते का जिक्र करते हुए, शमिका ने इसे एक बहुत बड़ा एग्रीमेंट बताया जो लंबे समय की एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करेगा और साथ ही बाहरी स्टेबिलिटी को भी मजबूत करेगा। भारत लगातार हाई-ग्रोथ फेज में है।
“100 is just a number” ~ Modi’s economic advisory council member Shamika Ravi We are doomed! pic.twitter.com/2K78nTxjWP — Priyanka Bharti (@priyanka2bharti) June 5, 2026
इकोनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल की सदस्य ने कहा कि भारत की इकोनॉमी मजबूत ग्रोथ की राह पर बनी हुई है और पिछले एक दशक में बड़े ग्लोबल झटकों का सामना करने में इसने काफी मजबूती दिखाई है। उन्होंने इस मजबूती का क्रेडिट भारत के ग्रोथ मॉडल को दिया, जो मुख्य रूप से घरेलू मांग और खपत से चलता है, जिससे देश को ग्लोबल इकॉनमिक रुकावटों के सबसे बुरे असर का सामना करने में मदद मिलती है।
घरेलू मांग पर निर्भर भारतीय अर्थव्यवस्था
शमिका ने बताया कि साउथ कोरिया, वियतनाम, ताइवान और चीन जैसी एक्सपोर्ट पर चलने वाली अर्थव्यवस्था के उलट, भारत की ग्रोथ ज्यादातर घरेलू खपत और मांग से चलती है। उन्होंने कहा कि इस स्ट्रक्चर ने देश को अपने कई साथियों की तुलना में बाहरी इकोनॉमिक झटकों का ज्यादा असरदार तरीके से सामना करने में मदद की है। पहले भी जब आपको बड़े झटके लगे हैं, तो कम से कम पिछले 10 सालों में यह हमारे लिए बड़े झटके में नहीं बदला है। और ऐसा इसलिए है क्योंकि आपकी डोमेस्टिक डिमांड एक मजबूती का काम करती है।
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शमीका रवि ने इकोनॉमी की मजबूती को मजबूत करने के लिए अच्छे फिस्कल मैनेजमेंट के महत्व पर भी जोर दिया। रवि के मुताबिक, फिस्कल डिसिप्लिन पर सरकार के जोर ने स्टेबिलिटी बनाए रखने और शॉर्ट-टर्म इकोनॉमिक फायदों के लिए लॉन्ग-टर्म सस्टेनेबिलिटी को छोड़ने से बचने में मदद की है।
