अक्टूबर की शुरुआत में शेयर बाजार को झटका, सेंसेक्स 287 अंक टूटा, निफ्टी भी गिरावट के साथ खुला

Sensex-Nifty Today: अक्टूबर के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 287 अंक टूटकर खुला, वहीं ऑटो और स्मॉलकैप-मिडकैप शेयरों में भारी दबाव देखने को मिला।
Share Market Crash
गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार(सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार ने अक्टूबर महीने के पहले कारोबारी दिन की शुरुआत गिरावट के साथ की। बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 287 अंक टूटकर 72,193 के स्तर पर खुला। वहीं, एनएसई के 50 शेयरों वाले बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी ने भी कमजोरी के साथ कारोबार की शुरुआत की और 76 अंक की गिरावट के साथ 22,544 के स्तर पर खुला।

शुरुआती कारोबार में ऑटो सेक्टर के शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी ऑटो सबसे बड़ा गिरावट वाला इंडेक्स रहा। इसके अलावा निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी मीडिया, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी पीएसई, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी फार्मा, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी पीएसयू बैंक भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। इसके विपरीत निफ्टी आईटी, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में मजबूती दर्ज की गई।

मार्केट कैप में दिखा दबाव

बड़े शेयरों के अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव बना हुआ था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 404 अंक यानी 0.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 58,936 पर था। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 197 अंक या 1.04 प्रतिशत टूटकर 19,044 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

कैसा रहा अंतरराष्ट्रीय बाजारों का हाल? 

एशियाई शेयर बाजारों में भी गुरुवार को कारोबार का रुख मिला-जुला रहा। टोक्यो, ताइपे और सोल के बाजार हरे निशान में थे, जबकि जकार्ता में गिरावट देखने को मिली। इससे पहले बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी मिश्रित रुख के साथ बंद हुए थे। डाओ जोन्स 0.86 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक में 0.24 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

विदेशी संस्थागत निवेशकों में बिकवाली का जोर

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली पिछले दो कारोबारी सत्रों में और तेज हुई है। इस दौरान एफआईआई ने कुल 20,128 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। उनका कहना है कि अमेरिका के 10 साल के बॉन्ड यील्ड के बढ़कर 5.3 प्रतिशत पहुंचने के कारण एफआईआई की बिकवाली आगे भी जारी रह सकती है।

Share Market Crash
LPG Price Hike: कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में भारी बढ़ोतरी, जानें दिल्ली, मुंबई, पटना और लखनऊ के ताजा रेट

हालांकि, एफआईआई की गतिविधियों में एक दिलचस्प विरोधाभास भी देखने को मिल रहा है। एक ओर वे एक्सचेंज के माध्यम से लगातार बिकवाली कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्राइमरी मार्केट में लगातार निवेश कर रहे हैं। इसके साथ ही वे ऊंचे वैल्यूएशन वाले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी कर रहे हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com