

Indian Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत आज वैश्विक बाजारों में चल रही हलचल के बीच मिश्रित रुख के साथ हुई है। निवेशकों को आज अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े फैसलों का बेसब्री से इंतजार है। इसके अलावा देश में कई बड़ी कंपनियों की तिमाही आय के नतीजे भी आज जारी होने वाले हैं।
इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में आ रहे हालिया उतार-चढ़ाव और वैश्विक स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक संकट से भी बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। हालांकि एशियाई बाजारों में आज सुबह मजबूती का माहौल देखा जा रहा है, जिससे निवेशकों को सहारा मिल सकता है। आज का कारोबार काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है।
घरेलू बाजार के शुरुआती कारोबार में संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 109 अंकों की बढ़त के साथ 78263 के स्तर पर खुला। जबकि राष्ट्रीय शेयर बाजार का सूचकांक निफ्टी महज 0.75 अंक की मामूली बढ़त के साथ 24472 पर खुला। इससे पहले कल के सत्र में सेंसेक्स 388 अंक टूटकर 78,154 और निफ्टी 112 अंक फिसलकर 24,471 पर बंद हुआ था।
आज निवेशकों की नजर प्रमुख कंपनियों के नतीजों पर रहेगी, क्योंकि आज 470 से अधिक कंपनियों के परिणाम घोषित होने वाले हैं। इनमें टाटा मोटर्स, ग्रासिम, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स, लेंसकार्ट, जीएमआर एयरपोर्ट्स, इरकॉन और IRCTC शामिल हैं, जिनसे बाजार को दिशा मिलेगी।
एशियाई बाजारों में आज कोस्पी इंडेक्स 2.44% बढ़त के बाद 1.5% पर बंद हुआ। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.076% और टॉपिक्स 0.34% मजबूती के साथ बंद हुआ। जबकि गिफ्ट निफ्टी 24,546.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद से केवल 6 अंक ऊपर बना हुआ है।
अमेरिकी वॉल स्ट्रीट पर लगातार दूसरे सत्र में गिरावट दर्ज की गई, जहां डॉऊ जोन्स 430 अंक गिरकर 180 अंक नीचे बंद हुआ। एसएंडपी 500 में 0.3% और नैस्डैक में 0.6% गिरावट रही। निवेशक अब जुलाई के अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति यानी CPI डेटा का इंतजार कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड वायदा 72 सेंट या 0.81% बढ़कर 89.63 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा। वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड 71 सेंट या 0.85% बढ़कर 83.91 डॉलर पर कारोबार कर रहा है। अमेरिका-ईरान तनाव के चलते होर्मुज और बाब अल-मंडेब में जहाजों पर हमलों की खबरें हैं।
ईरान के सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रेजाई ने कहा है कि होर्मुज जलमार्ग तब तक बंद रहेगा जब तक वाशिंगटन तेहरान की शर्तें नहीं मान लेता। इन शर्तों में ईरानी संपत्तियों को फ्रीज करने का विरोध और क्षेत्रीय संघर्षों का अंत शामिल है, जिससे तेल परिवहन और वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।