

Indian Share Market Opening Lower Today: कमजोर वैश्विक संकेतों और मंदी की चिंताओं के बीच आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई है। एशियाई बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी वायदा बाजार के सपाट रुख के कारण आज दलाल स्ट्रीट के निवेशकों में काफी हलचल देखी जा रही है।
मंगलवार सुबह बाजार खुलने से पहले गिफ्ट निफ्टी ने भी भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी सपाट शुरुआत के संकेत दे दिए थे। इसके बाद जैसे ही बाजार खुला, अधिकांश घरेलू कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया। इस गिरावट के चलते शुरुआती कारोबार के दौरान अधिकांश सेक्टर्स के शेयर लाल निशान में आ गए।
घरेलू बाजार के खुलने के साथ ही आज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स 32 अंकों की गिरावट के साथ 78509 पर खुला। वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 8 अंक नीचे फिसलकर 24575 के स्तर पर खुला। इस शुरुआती गिरावट के बाद दोनों प्रमुख सूचकांकों में उतार-चढ़ाव का दौर शुरू हो गया।
इससे पहले सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को भारतीय शेयर बाजार काफी हद तक सपाट बंद हुआ था। उस दिन BSE सेंसेक्स 43 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 78542 के स्तर पर बंद हुआ था। जबकि NSE निफ्टी 50 इंडेक्स 13 अंकों की बढ़त हासिल करके 24583 के स्तर पर सेटल होने में कामयाब रहा था।
वैश्विक कमोडिटी बाजार में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें फिलहाल तेजी के साथ स्थिर बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड वायदा आज 87.81 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई क्रूड वायदा 82.20 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई मांग के बाद होर्मुज जलमार्ग खुलने की उम्मीदें काफी कमजोर हुई हैं। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि भविष्य की बातचीत में ईरान द्वारा किए गए नुकसानों की भरपाई का दावा मजबूती से शामिल किया जाएगा, जिससे वैश्विक स्तर पर तनाव काफी बढ़ गया है।
इसके अलावा एशियन मार्केट में आज मिला-जुला रुख है, जहां दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 1.09% की गिरावट आई है। जबकि हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक पिछले बंद से ऊपर बना हुआ है। दूसरी ओर जापान के बाजार आज माउंटेन डे के राष्ट्रीय अवकाश के कारण बंद हैं।
आज मंगलवार को बाजार में 300 से अधिक बड़ी कंपनियां अपनी पहली तिमाही यानी Q1 के नतीजे घोषित करने वाली हैं। इनमें रेल विकास निगम, जायडस लाइफसाइंसेज, एमआरएफ और एनबीसीसी इंडिया शामिल हैं। निवेशकों की नजरें इन प्रमुख कंपनियों के परिणामों पर टिकी हैं, जिससे बाजार को नई दिशा मिल सकती है।