

Highlights:
पिछला हफ्ते बाजार में तेजी रही। सेंसेक्स 0.78% और निफ्टी 0.44% की बढ़त के साथ बंद हुआ।
रूस द्वारा अमेरिका में डीजल की आपूर्ति के डील के बाद, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी की संभावना है।
आगामी हफ्ते खुदरा व थोक महंगाई आंकड़े, बेरोजगारी दर जैसे अहम आर्थिक संकेतक आने वाले हैं।
Share Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी अहम होने वाला है। कच्चे तेल की कीमत, बॉन्ड यील्ड और महंगाई डेटा के साथ अन्य अंतरराष्ट्रीय और घरेलू आर्थिक आंकड़े बाजार की चाल निर्धारित करेंगे।
अगले हफ्ते अमेरिका में महंगाई, घरों की बिक्री और खुदरा बिक्री जैसे अहम आंकड़े आएंगे। वहीं, भारत में भी इस अवधि खुदरा और थोक महंगाई, बेरोजगारी, व्यापार संतुलन और विदेशी मुद्रा भंडार से जुड़े आंकड़ों को जारी किया जाएगा।
कच्चे तेल की कीमत भी शेयर बाजार में अगले हफ्ते बड़ी भूमिका निभाएगी। मौजूदा समय में यह 100 डॉलर के ऊपर बना हुआ है। जानकारों के मुताबिक, अमेरिका की ओर से रूस से डीजल खरीदने के फैसले से वैश्विक स्तर पर तनाव कम होगा और कच्चे तेल में नरमी देखने को मिल सकती है।
इसे लेकर ट्रंप ने अपने 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा कि मैंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत की है। इसमें यह तय हुआ है कि रूस तुरंत अमेरिकी और ग्लोबल मार्केट में 3,00,000 टन से ज्यादा डीजल की आपूर्ति करेगा, नवंबर में 5,00,000 टन और उसके तुरंत बाद 10,00,000 टन डीजल की आपूर्ति करेगा। इसके अलावा अगले हफ्ते निवेशकों की नजर यूएस बॉन्ड यील्ड पर भी रहेगी, जो कि लगातार 5 प्रतिशत के ऊपर बनी हुई है।
भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता हफ्ता मुनाफे वाला रहा। इस दौरान सेंसेक्स 562.63 अंक या 0.78 प्रतिशत की तेजी के साथ 72,472.33 और निफ्टी 98.50 अंक या 0.44 प्रतिशत की मजबूती के साथ 22,520.45 पर था।
यह आठ हफ्ते बाद पहला मौका था, जब शेयर बाजार साप्ताहिक आधार पर बढ़त के साथ बंद हुआ। सूचकांकों में बीएसई टेलीकॉम 3.72 प्रतिशत, बीएसई एफएमसीजी 2.43 प्रतिशत, बीएसई पीएसयू बैंक 2.31 प्रतिशत, बीएसई फाइनेंशियल सर्विसेज 1.03 प्रतिशत और बीएसई आईटी 0.76 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुए।
दूसरी तरफ बीएसई रियल्टी -4.19 प्रतिशत, बीएसई मेटल -4.18 प्रतिशत, बीएसई यूटिलिटी -2.48 प्रतिशत, बीएसई कमोडिटीज -2.46 प्रतिशत और बीएसई पावर -2.22 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ।